इंदौर में क्रेडिट कार्ड ऑफर के नाम पर की गई 98 हजार की ठगी, बैंक कर्मचारी बनकर दो बार OTP लिया, महिला को बनाया शिकार

इंदौर के कनाड़िया इलाके में एक्सिस बैंक कर्मचारी बनकर एक साइबर ठग ने महिला को क्रेडिट कार्ड की एनुअल फीस माफ करने और 5500 रुपए बोनस का लालच दिया। बातों में फंसाकर उसने दो बार OTP हासिल किए और 98 हजार रुपए निकाल लिए।
इंदौर में क्रेडिट कार्ड ऑफर के नाम पर की गई 98 हजार की ठगी, बैंक कर्मचारी बनकर दो बार OTP लिया, महिला को बनाया शिकार

इंदौर में क्रेडिट कार्ड ऑफर का झांसा देकर एक महिला से 98 हजार रुपए की साइबर ठगी हुई है। दरअसल आरोपी ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताया और एनुअल फीस माफ करने के साथ शॉपिंग बोनस देने का दावा किया। महिला से कार्ड की जानकारी और OTP लेकर उसने दो बार 49-49 हजार रुपए के ट्रांजेक्शन कर दिए। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने महिला से बैंकिंग ऐप खुलवाया और धीरे-धीरे पूरी प्रक्रिया अपने मुताबिक करवा ली।

वहीं पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले महिला से क्रेडिट कार्ड का 16 अंकों का नंबर और एक्सपायरी डेट दर्ज करवाई। इसके बाद मोबाइल पर आए OTP की जानकारी भी ले ली। पहला OTP बताते ही 49 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया। जब महिला ने रकम कटने की बात कही तो आरोपी ने भरोसा दिलाया कि यह सिर्फ प्रक्रिया का हिस्सा है और पैसा कुछ देर में वापस आ जाएगा।

ऐसे निकाले 98 हजार रुपए

इसी बहाने उसने दूसरा OTP भी हासिल कर लिया। इसके बाद फिर 49 हजार रुपए कार्ड से निकल गए। आरोपी यहीं नहीं रुका और तीसरी बार 36 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन करने की कोशिश की, लेकिन कार्ड की दैनिक सीमा पूरी होने की वजह से यह पेमेंट सफल नहीं हो सका। इसी दौरान महिला को शक हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। बाद में उसने परिवार को पूरी जानकारी दी और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

मोबाइल नंबर और ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे

दरअसल कनाड़िया पुलिस ने दविंदर सिंह अरोरा की शिकायत पर अज्ञात कॉलर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस के अनुसार अगले दिन भी उसी नंबर से महिला के पास दोबारा कॉल आया था, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद बैंकिंग ऐप पर भी कुछ संदेश भेजे गए, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है। साइबर अपराध के मामलों में पुलिस लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। बैंक अधिकारी कभी भी फोन पर OTP, कार्ड नंबर, CVV या एक्सपायरी डेट जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते। ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
Follow Us :GoogleNews