आईपीएस अधिकारी ने दी कोरोना शहीद टीआई को भावभीनी श्रद्धांजलि

आईपीएस अधिकारी ने दी कोरोना शहीद टीआई को भावभीनी श्रद्धांजलि

इंदौर।आकाश धौलपुरे

अन्नपूर्णा सीएसपी(anapurna csp) पुनीत गेहलोद(punit gehlot) IPS,17 BATCH, इंदौर(indore) ने बीते रविवार को जुनी थाना प्रभारी देवेंद्र चंद्रवंशी(devendra chandravanshi) की मौत पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने देवेंद्र चंद्रवंशी के नाम एक पत्र लिख उनके व्यक्तित्व की व्याख्यान की है। इसी के साथ 14 बैच के आईपीएस(ips) पुनीत ने टीआई(TI) को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि देवेंद्र वाकई एक लीडर(leader) थे। जिन्हें स्वयं की रूचि अनुसार हर मामले को फ्रंट(front) से लीड करना पसंद था।

अन्नपूर्णा सीएसपी ने कहा बहुत कम लोग मिलते है जो हर मामले में स्वयं रुचि लेकर फ्रंट से लीड करते है, देवेन्द्र उनमें से एक थे। रात्रि गश्त के दौरान जब देवेन्द्र के साथ ड्यूटी करने का मौका मिलता था तो पूरी रात पुलिसिंग(policing) में कौन से नए ऐप्स(apps), गैजेट्स(gadgets) प्रयोग कर सकते है। इसी चर्चा में समय कब निकल जाता था अहसास ही नहीं होता था। नए अधिनियम हो या आईपीसी सीआरपीसी(ips crpc) के संशोधन, नेट फ्लिक्स(netflix) पर कौन सी अच्छी डॉक्यूमेंट्री(documentry) आई है। जिससे हमें क्राइम कंट्रोल(crime control) में मदद मिल सकती है। इन सब बातों की पुख्ता जानकारी चाहिए होती थी तो बस एक ही व्यक्ति को कॉल करना होता था- वो व्यक्ति थे देवेन्द्र। इस व्यक्ति ने मुझे यह सिखाया कि बुद्धिमत्ता या विभागीय पेशेवर ज्ञान रैंक या पद का मोहताज नहीं होता।

अन्नपूर्णा सीएसपी पुनीत गेहलोद ने कहा कि विगत 6 माह से में देवेन्द्र से परिचित हूं लेकिन एक बार भी मैंने उनके चेहरे पर कोई तनाव नहीं देखा। हमेशा मुस्कुराता हुआ चेहरा। हम में से कई लोग कार्य क्षेत्र को सबसे पहले देखते है। अरे! ये तो उस क्षेत्र में आता है आप वहां जाए। लेकिन इस व्यक्ति को कभी मैंने ऐसी बातें करते नहीं देखा। उल्टा दूसरे क्षेत्र की समस्याओं पर भी वे स्वतः अपना पेशेवर ज्ञान और मेहनत लगाने से नहीं चूकते थे। कल से हम पुनः 188 की कार्यवाही में व्यस्त हो जाएंगे। लॉक डाउन(lockdown) को एंफॉर्स करेंगे। पॉजिटिव मरीजों को हॉस्पिटल(hospital) भेजेंगे। उनके रिश्तेदारों को क्वॉरेंटाइन(quarantine) सेंटर भेजेंगे। समय समय पर आने वाली जानकारी निभाएंगे। रह जाएंगी बस स्मृतियां। सोचा था कि कोरोना का ये दौर हंसते खेलते ड्यूटी करते करते बीत जाएगा। आने वाली पीढ़ी को किस्से कहानियां बताते रहेंगे लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि यह संकट हमारे ही करीबी को हमसे दूर कर ले जाएगा। जब जब भी इस समय को याद करेंगे। देवेन्द्र हमारी स्मृति में सबसे पहले आयेंगे। आज हमनें अपना एक बेशकीमती सम्पत्ति खोया है। जिसकी पूर्ति कोई व्यक्ति नहीं कर सकता। परम पिता परमात्मा देवेन्द्र के परिवार को इस अपूरणीय क्षति से उबरने का साहस प्रदान करे।

देवेन्द्र ने कहा सर आप ये एप्लिकेशन डाउनलोड(application download) कर लो इससे आपको अपराधी की रियल टाइम लोकेशन मिलती रहेगी। नतीजा ये रहा उसी एप्लिकेशन से हमने अपराधी को 24 घंटे में मुंबई जैसी भीड़ भाड़ वाली जगह से पकड़ा। देवेन्द्र ने कहा सर आप लूट के अपराधियों को पकड़ने के लिए बैक ट्रेकिंग करते हुवे सीसीटीवी फुटेज देखो। नतीजा ये रहा हमें बैक ट्रेकिंग फुटेज में अपराधियों के महत्वपूर्ण फोटो मिले जिनकी मदद से लूट की वारदात ट्रेस हो गई। देवेन्द्र ने कहा सर वाहन चोरों को पकड़ने के लिए जीपीएस की मदद लीजिए। टेक्निकल सहायता में करूंगा। नतीजा ये रहा वाहन चोरी की सतत् घटनाओं पर हम अंकुश लगा पाए। ये महज कुछ उदाहरण है। ऐसे कई उदाहरण और भी होंगे जो देवेन्द्र की साइबर महारत को साबित करते होंगे। मेरे कलीग सीएसपी जुनी, दिशेश इस बारे में ज़्यादा अवगत होंगे। बात सिर्फ साइबर महारत की नहीं है। बात है खुद से हर एक समस्या का समाधान करने के लिए प्रोएक्टिवली इन्वॉल्व होने की। बात है कर्तव्य परायणता की।

अंत में यही कहूंगा कि देवेन्द्र को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सभी अपना बेहद ख्याल रखें। अब कोई पुलिसकर्मी संक्रमित ना हो। कोरोना के दंश से स्वयं को बचाते हुए इसे जड़ से उखाड़ना ही हमारा लक्ष्य बने। आमीन!

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