…तो इसलिए कैलाश ने रखा था 8 दिन का मौन व्रत

…तो इसलिए कैलाश ने रखा था 8 दिन का मौन व्रत

इंदौर।आकाश धौलपुरे।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय देश और दुनिया को कोरोना महामारी से मुक्त कराने के लिए पिछले 8 दिनों से मौन व्रत धारण किए साधना में जुटे थे। नवरात्रि के पहले दिन ही वे इंदौर के पितरेश्वर धाम स्थित हनुमान मंदिर में चले गए थे। ये मंदिर शहर से कुछ दूसरी पर एक पहाड़ी पर स्थित है। विजयवर्गीय यहां एकांतवास में पूजा और साधना में लीन थे।

दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ना सिर्फ एक चतुर राजनेता है बल्कि उतने ही कठीन साधक भी है। ईश्वर पर उनकी आस्था कितनी है इस बात का पता फरवरी माह में लोगो को पता चला था जब उन्होंने 20 साल तक अन्न ना खाने प्रण लिया था। वही 8 दिन पहले आदिशक्ति के पर्व नवरात्रि की शुरुआत से ही विजयवर्गीय ने 8 दीनी मौन रख भगवान हनुमान की भक्ति में लीन हो गए। बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव 8 बीते 8 दिनों से अपने परिवार से दूर इंदौर के पितरेश्वर धाम में मौन धारण कर आराधना कर रहे है।

कोरोना संकट के बीच रामनवमी के दिन विजयवर्गीय ने मौन व्रत तोड़कर लोगो से अपील कर कहा कि रामनवमी पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर भगवान राम की आराधना कर घर में रामनवमी मनाएं और 3 मिनट का वीडियो @shreepitreshwar एवं 9302334455 पर भेजने की अपील की और कहा कि सबसे अच्छे परिवारिक वीडियों को पितरेश्वर धाम द्वारा पुरस्कृत करने की बात भी विजयवर्गीय ने शहरवासियों से शेयर की। विजयवर्गीय ने एक ट्वीट कर भी ये जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की।

ट्विटर पर जारी वीडियो में कैलाश विजवर्गीय कहते हैं-

“ घर में रहकर आनंद लेना ये भी एक कला है। मैं पिछले 8 दिनों से मौन व्रत पर था। पितरेश्वर धाम में हनुमानजी,मैं और पुजारी हम तीन के अलावा और कोई नहीं था। वहीं बैठे बैठे ध्यान आया कि क्यों न रामनवमी को लोगों के साथ मनाया जाये और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जाये, इसलिए पितरेश्नर धाम मंदिर की ओर से जो भी राम जन्म उत्सव अपने परिवार के साथ बहुत धूमधाम से भजन गाकर मनाएगा।तीन मिनट का वीडियो वो भेजे जो अच्छी हो, तो उस परिवार को पितरेश्वर धाम मंदिर की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।”

इससे पहले भी कैलाश विजयवर्गीय पितरेश्वर धाम में हनुमान जी की भव्य प्रतिमा के लिए अन्न त्यागने की प्रतिज्ञा के लिए चर्चा में रहे हैं। कहा जाता है कि 20 सालों तक अन्न त्यागतने की उनकी प्रतिज्ञा पिछले महीने ही पूरी हुई है।

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