कैलाश विजयवर्गीय ने क्वारेंटाइन सेंटर में सुनाए मधुर नगमें, म्यूजिकल थैरेपी से राहत पहुंचाने की कोशिश

कैलाश विजयवर्गीय ने क्वारेंटाइन सेंटर में सुनाए मधुर नगमें, म्यूजिकल थैरेपी से राहत पहुंचाने की कोशिश

इंदौर/आकाश धोलपुरे

कहते है सुरों की मधुर तान जब छिड़ती है तो व्यक्ति बड़े सा बड़ा दुःख भूल जाता है। इंदौर (indore) में भी सुरों की ऐसी ही तान छेड़ी गई और सुनने वाले वो लोग थे जो क्वारंटाइन सेंटर (quarantine center) में कोरोना के दर्द को भुलाकर जीवन के रंगो में खुशियों के समंदर को समेटना चाह रहे थे।

दरअसल, इंदौर को कोरोना (corona) की रेस में लगातार पछाड़ने की कोशिशों के तहत अब गीत संगीत (music) का सहारा भी लिया जा रहा है। जहां 2 दिन पहले शहर के ESIC अस्पताल (hospital) से कोरोना की जंग में म्यूजिकल थैरेपी (musical therapy) का वीडियो सामने आया था वही शनिवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (kailash vijayvargiya) ने अपनी आवाज़ के जरिये वहां रहने वालों को ये भरोसा दिलाया कि वो उनके साथ हैं।

कैलाश विजयर्गीय शहर के राजीव गांधी चौराहा स्थित मधुर मिलन गार्डन में बनाये गए क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचे थे और यहां उन्होने क्वारेंटाइन किये गए लोगों के बीच गीत गाए। इस दौरान कई लोग उनके गीतोंं पर थिरके भी। म्यूजिकल थैरेपी (musical therapy) की खास बात ये है कि वो कोरोना के संकट के बीच लोगों के मानसिक तनाव (mental tension) को कम कर उससे लड़ने की शक्ति को दोगुना कर देती है। इसी के चलते अब उन्हें ये अनूठी थैरेपी भी दी जा रही है। क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय ने न सिर्फ गीतों की सुमधुर प्रस्तुति देकर सेंटर में रह रहे लोगो में विश्वास (faith) बढ़ाया बल्कि कोरोना वारियर्स मेडिकल स्टाफ (medical staff) को भी लड़ने की नई ऊर्जा प्रदान की।

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निदेशक और संपादक

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