जानिये क्यों सिंधिया समेत 22 पूर्व विधायकों को चूड़ियां भेज रही कांग्रेस

जानिये क्यों सिंधिया समेत 22 पूर्व विधायकों को चूड़ियां भेज रही कांग्रेस

इंदौर| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव (By Election) को लेकर सियासत तेज हो गई है| एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने प्रचार का आगाज कर दिया है| वहीं इंदौर में कांग्रेस ने सोमवार से ‘लोकतंत्र बचाओ अभियान’ की शुरुआत की है| इस अभियान के तहत कमलनाथ सरकार गिराने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 22 बागी पूर्व विधायकों को कांग्रेस की तरफ से चूड़ियां भेजी जाएंगी|

सोमवार को कांग्रेस ने लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत 22 पूर्व विधायकों को चूड़ियां भेजी है और प्रदेश में उप चुनाव के लिए 22 बागी विधायकों को जिम्मेदार ठहराया है। लोकतंत्र बचाओ अभियान के संयोजक और कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने बताया कि इन दलबदलू पूर्व विधायकों को उन्हीं के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर चूड़ियां भेट की जाएंगी| इसके लिए सभी 22 विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता चूड़ियां भेंट करेंगे| उन्होंने कहा जब तक चुनाव का रिजल्ट नहीं आ जाता तब तक यह सिलसिला जारी रहेगा| यह जिस गली में जाएंगे माताएं, बहनें इन्हे चूड़ियां भेंट करेंगी|

सोशल मीडिया पर भी शुरू होगा अभियान
कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने कहा सोशल मीडिया पर भी इनके खिलाफ अभियान छेड़ा जाएगा| अभी इंदौर से ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत सभी 22 पूर्व विधायकों को चूडियां कूरियर की गईं हैं| जनता से अपील की जा रही है कि 24 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में वे इन दलबदलुओं का सहयोग न करें|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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