लोकायुक्त पुलिस ने बिजली कंपनी के इंजीनियर को 40000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

डीएसपी ने कहा कि लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से जनता से अपील है कि कोई अधिकारी/कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत कर सकते है।
Electricity company engineer arrested taking bribe

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इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर को एक व्यापारी से 40,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, लोकायुक्त ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

डीएसपी लोकायुक्त पुलिस सुनील कुमार तालान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर के परदेशीपुरा में रहने वाले शिवप्रकाश बसवाल ने एक शिकायती आवेदन एसपी राजेश सहाय को दिया था जिसमें उन्होंने बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर नमेश कुमार भोंडेकर ने रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

जूनियर इंजीनियर में मांगी 80,000/- रुपये 

शिकायती आवेदन में शिवप्रकाश बसवाल ने बताया कि वे बिल्डर है और होटल व्यवसाय का काम करते हैं, वे अम्बे नगर, अमृती नगर के पास जी.आर.-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगा रहे हैं जिसकी फ़ाइल आगे बढ़ाने के लिए जूनियर इंजीनियर द्वारा नमेश कुमार भोंडेकर 80,000/- रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।

सत्यापन में सही पाई गई रिश्वत मांगने की बात 

शिकायती आवेदन मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर इसका सत्यापन कराया गया जिसमें जूनियर इंजीनियर द्वारा रिश्वत 80,000/- रुपये रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई, रिश्वत का सबूत मिलने के बाद ट्रैप प्लान की गई और ट्रैप दल गठित किया गया।

रिश्वत हाथ में आते ही जूनियर इंजीनियर गिरफ्तार 

इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया के नेतृत्व में ट्रैप दल ने शिकायतकर्ता व्यवसायी शिवप्रकाश बसवाल को 40,000/- रुपये लेकर जूनियर इंजीनियर के पास भेजा उन्होंने जैसे ही रिश्वत की राशि जूनियर इंजीनियर नमेश कुमार भोंडेकर को दी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ  पकड़ लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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