घर के बाहर व्यापारी को लूटा, लाखों रुपए के जेवरात से भरा बैग ले भागे बदमाश

घर के बाहर व्यापारी को लूटा, लाखों रुपए के जेवरात से भरा बैग ले भागे बदमाश

इंदौर। शहर में बदमाश आए दिन वारदातों को अंजाम देते हुए पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। शनिवार की रात भी एक ज्वेलरी व्यापारी जब अपने घर पहुंचा तो उसका पीछा करते हुए आय बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपए के जेवरात से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
लूट की यह सनसनीखेज वारदात मल्हारगंज थाना क्षेत्र की हेमू कॉलोनी इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार खड़ा गणपति क्षेत्र में विजय श्री ज्वेलर्स के नाम से दुकान संचालित करने वाले विजय सोपी निवासी हेमू कॉलोनी रात करीब 9:00 बजे अपनी दुकान बंद कर घर जाने के लिए निकले थे । थोड़ी ही देर में वह अपने घर पहुंच गए। एक्टिवा पर सवार विजय जैसे ही घर पहुंचकर गाड़ी से नीचे उतरे उसी समय एक बदमाश उनके पास पहुंचा और उन्हें धक्का दे कर बैग छीन कर भाग निकला। अचानक हुए इस घटनाक्रम विजय ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा किया, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर पहले से मौजूद उसके दो पल्सर सवार साथी उसे गाड़ी पर बैठा कर निकल भागे।
इस पर विजय ने तत्काल पुलिस को सूचना दी लूट की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए उनकी घेराबंदी की लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चल सका था पुलिस को दर्ज कराई रिपोर्ट में विजय ने बताया कि बैग में करीब 4 लाख रुपए के जेवरात थे। देर रात तक पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की तलाश कर रही थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews