Makar Sankranti 2025 : इंदौर जिले में मकर संक्रांति पर रहेगी छुट्टी, कलेक्टर ने घोषित किये स्थानीय अवकाश

मकर संक्रांति पर अवकाश घोषित होने की घोषणा से शासकीय कर्मचारियों सहित स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में ख़ुशी की लहर है क्योंकि अब वे संक्रांति पर पूरे दिन उत्सव मना सकेंगे। 
Makar Sankranti 2026

Makar Sankranti 2025 : हिंदू पर्वों की श्रंखला का एक बड़ा पर्व मकर संक्रांति कल 14 जनवरी को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जायेगा, मध्य प्रदेश में भी इसे लेकर बहुत उत्साह रहता है, मालवा में रंग बिरंगी पतंगों के साथ मकर संक्रांति उत्सव और आकर्षक हो जाता है, त्यौहार के प्रति लोगों का बढ़ता रुझान देखते हुए कलेक्टर ने इस दिन पूरे जिले में पूरे दिन का स्थानीय अवकाश घोषित किया है।

इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने एक आदेश जारी करते हुए मकर संक्रांति 14 जनवरी के लिए पूरे जिले में पूरे दिन का अवकाश घोषित किया है, कलेक्टर ने अपने आदेश में इसके अलावा रंगपंचमी पर 19 मार्च को,  अहिल्या उत्सव पर 22 अगस्त को (आधा दिन) का अवकाश और दहशरे के दूसरे दिन 3 अक्टूबर को भी छुट्टी की घोषणा की है।

छुट्टी की घोषणा से कर्मचारियों सहित स्टूडेंट्स में ख़ुशी की लहर 

मकर संक्रांति पर अवकाश घोषित होने की घोषणा से शासकीय कर्मचारियों सहित स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों में ख़ुशी की लहर है क्योंकि अब वे संक्रांति पर पूरे दिन उत्सव मना सकेंगे, इस दिन पतंगबाजी के साथ साथ तिल गुड़ से  बने मीठे व्यंजनों का लुटव उठाया जाता है मंगोड़े पकौड़ी आदि खूब चटखारे लेकर खाए जाते हैं।

इंदौर में लोहड़ी की धूम 

इंदौर में आज लोहड़ी का पर्व भी हर्ष उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, इस बार ये पर्व घर-आंगन से निकलकर होटल और रिसोर्ट तक पहुंच गया है, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां भी लोहड़ी पर्व के इंतजाम कर रही हैं। गौरतलब है कि लोहड़ी पर्व पंजाबी और सिंधी परिवार का प्रमुख पर्व हैजिसे पूरा परिवार एकसाथ मनाता है, लेकिन विवाह और बच्चे के जन्म के बाद की पहली लोहड़ी भव्य रूप से मनाई जाती है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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