
Indore News : कहने को तो सूदखोरी गैरकानूनी है,अपराध है लेकिन आज भी प्रदेश ने इसका चलन है जो आत्महत्या की वजह भी बन रहा है। ताजा मामला इंदौर का है जहाँ एक छोटे कारोबारी ने कर्जदारों से परेशान होकर अपनी जान दे दी, मरने से पहले उसने वीडियो भी बनाया और सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसने उसने बताया कि कैसे उसने उधार लिया पैसा वापस कर दिया उसके बाद भी कर्जदार उससे पैसा मांग रहे हैं उसपर केस लगा दिए हैं।
इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले वीरेंद्र सेन ने बीती रात घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वीरेंद्र ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो बनाया जिसमें उन कर्जदारों के नाम बताये, व्यक्ति ने रोते हुए पुलिस कमिश्नर से कहा कि पैसा वापस कर दिए जाने के बाद भी ये लोग रोज पैसा मांगते हैं और मुझे परेशान करते हैं, मेरी गाँव की जमीन बिकवा दी , दुकान बिकवा दी, मुझे गालियाँ देते हैं मारने की धमकी देते हैं, मै बच्चों की फ़ीस नहीं भर पाया,मैं जीना चाहता हूँ लेकिन इन लोगों ने मुझे बर्बाद कर दिया।
वीरेंद्र ने वीडियो में कहा कि मैंने जितना पैसा उधार लिया उस पर 10 प्रतिशत ब्याज भी दिया , मूलधन भी वापस कर दिया फिर भी इन सूदखोरों ने मुझपर लाखों रुपये का उधार निकाल दिया, आये दिन मुझे धमकी देते हैं, आपसे निवेदन है कि मेरे बाद मेरे बच्चों की रक्षा करना ये लोग मेरे परिवार को परेशान नहीं करें।
वीरेंद्र ने मरने से पहले वीडियो के अलावा एक लम्बा चौड़ा सुसाइड नोट भी छोड़ा जिसमें उन्होंने कर्जदारों के नाम लिखते हुए पूरा हिसाब लिखा है, उन्होंने अपने माता पिता, पत्नी, दोनों बेटों से माफ़ी मांगी है और पुलिस कमिश्नर से इन सूदखोरों को सजा देने की मांग की है।
मृतक की साली के पति के मुताबिक वीरेंद्र सेन मसालों का ठेला लगाते थे पहले इनका काम बहुत अच्छा था लेकिन कर्जे में फंसकर धीरे धीरे बर्बाद हो गए। वे बताते थे कि कर्जदार उनसे चक्रवृद्धि ब्याज वसूल रहे थे , जितना पैसा लिया उससे कई गुना ज्यादा वसूलने के बाद भी ब्याज मांग रहे थे इसलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली।
उधर पुलिस ने कहा कि अभी शव का पीएम करा रहे हैं, मर्ग कायम किया है, वीडियो या फर सुसाइड नोट जो भी सामने आएगा उसके आधार पर जाँच के बाद मामला दर्ज किया जायेगा।





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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

