मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती एसडीएम की गाड़ी पर चढ़ी, फांसी की धमकी देकर मचाया उत्पात

मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती एसडीएम की गाड़ी पर चढ़ी, फांसी की धमकी देकर मचाया उत्पात

इंदौर, आकाश धोलपुरे| इंदौर (Indore) के जेल रोड स्थित मोबाइल के सबसे बड़े नावेल्टी मार्केट (Novelty Market) में शनिवार शाम को एक ऐसी घटना हुई कि आम जनता, व्यापारी, अधिकारी और पुलिस के हाथ पैर फूल गए। शहर के व्यस्ततम मार्केट से एसडीएम (SDM) का वाहन गुजर रहा था। ट्रैफिक अधिक होने के चलते वाहन पर हूटर देखकर मानसिक रूप से विक्षिप्त एक युवती उस पर चढ़ गई। इसके बाद तो मानो हंगामा मच गया और मार्ग का ट्रैफिक रुक गया और लोगो का मजमा लग गया।

युवती ने कार पर चढ़कर हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इतना ही नही लोग कुछ समझ पाते युवती ने अपने दुपट्टे से फांसी का फंदा बनाया और एसडीएम वाहन पर लगे हूटर और पाइप से टांग कर अपनी जान देने की कोशिश की | इस दौरान लोग युवती से नीचे उतरने की मिन्नते करते रहे, लेकिन वो नही मानी। आखिर में मार्केट के व्यापारियो में से ही किसी ने वाहन पर चढ़कर युवती को नीचे उतारने का दम दिखाया। इसके बाद जैसे तैसे दो लोगो की मदद से युवती को एसडीएम के वाहन से उतारा गया। इस दौरान मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला इंसाफ और जुर्माने की मांग करती रही। एसडीएम वाहन पर चढ़ने वाली युवती चिल्ला रही थी कि उसका किसी अन्य महिला से विवाद हो गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक वाहन में एसडीएम मौजूद थे या नही इस बात का तो पता नही चल पाया लेकिन ये बात जरूर सामने आई है कि युवती क्षेत्र में ही घूमती है, भिक्षा मांगकर जीवन यापन करती है, इसके साथ ही वह व्हाइटनर के नशे की आदि भी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews