MP Police Constable Recruitment: कांस्टेबल बैंड भर्ती के इंटरव्यू रिजल्ट पर हाई कोर्ट की रोक, सरकार से पूछा- उम्मीदवारों को बुलाने का तरीका क्या था?

पहले दो राउंड पास करने के बावजूद इंटरव्यू में नहीं बुलाए जाने पर उम्मीदवार ने लगाई हाईकोर्ट में गुहार, तीन गुना के बजाय दो गुना उम्मीदवार बुलाने का आरोप, सरकार को एक सप्ताह में देना होगा जवाब
Indore HC

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मध्य प्रदेश पुलिस की कांस्टेबल (बैंड) भर्ती का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। भर्ती प्रक्रिया के पहले दो राउंड पास करने के बावजूद इंटरव्यू में नहीं बुलाए जाने को लेकर दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने फिलहाल इंटरव्यू का रिजल्ट घोषित करने पर भी रोक लगा दी है।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सवाल उठाया गया कि जब भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या के तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की बात कही गई थी, तो केवल दो गुना उम्मीदवारों को ही मौका क्यों दिया गया। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि उम्मीदवारों को तय प्रक्रिया के अनुसार ही बुलाया गया है। अब हाई कोर्ट ने सरकार से इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों के चयन की पूरी प्रक्रिया और पात्र उम्मीदवारों की सूची को लेकर जानकारी मांगी है।

दो राउंड पास किए, फिर भी इंटरव्यू में नहीं बुलाया

मामला याचिकाकर्ता निलेश सिंह और मध्य प्रदेश शासन के बीच है। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्होंने कांस्टेबल (बैंड) पद की चयन प्रक्रिया के पहले और दूसरे राउंड को सफलतापूर्वक पूरा किया था। इसके बावजूद तीसरे राउंड यानी इंटरव्यू के लिए उन्हें नहीं बुलाया गया।

याचिकाकर्ता का कहना है कि विभाग ने अभी तक पात्र उम्मीदवारों की सूची भी सार्वजनिक नहीं की है। भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या के तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का जिक्र था, जबकि आरोप है कि इंटरव्यू के लिए केवल पदों की संख्या के दो गुना उम्मीदवारों को बुलाया गया।

सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?

राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि भर्ती के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि इंटरव्यू पहले ही आयोजित किए जा चुके हैं, इसलिए अब याचिकाकर्ता को इंटरव्यू में शामिल करने का निर्देश देना उचित नहीं होगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने सरकार से इस बात की स्पष्ट जानकारी मांगी है कि इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को किस प्रक्रिया के तहत चुना और बुलाया गया। पात्र उम्मीदवारों की सूची को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा गया है।

एक सप्ताह में सरकार को देना होगा जवाब

हाई कोर्ट ने राज्य के अधिवक्ता को सरकार से आवश्यक निर्देश लेकर कोर्ट को जानकारी देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। तब तक कांस्टेबल (बैंड) भर्ती के इंटरव्यू का परिणाम घोषित नहीं किया जा सकेगा। कोर्ट ने फिलहाल परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है।

भर्ती में पहले भी उठे थे सवाल

बता दें,  इससे पहले कांस्टेबल (बैंड) भर्ती की चयन प्रक्रिया को लेकर एक और मामला सामने आया था। भर्ती में कथित सेटिंग को लेकर एक स्टिंग में चयन समिति के सदस्य इंस्पेक्टर सुनील कटारे कैमरे पर एक डमी उम्मीदवार का रोल नंबर नोट करते और कथित तौर पर कोडवर्ड के जरिए रकम की डील करते दिखाई देने का दावा किया गया था।

इसी भर्ती में अब इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को बुलाने की प्रक्रिया को लेकर मामला हाई कोर्ट पहुंचा है। कोर्ट के अगले आदेश और राज्य सरकार के जवाब के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग किस आधार पर की गई थी।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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