इंदौर में अफसरशाही, मेंढक बनाकर निकाली बेवजह घूमने वालो की बारात, अफसर ने मारी लात

इंदौर

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (indore) से अफसरों (officers) द्वारा की गई अमानवीय (inhuman) घटना  की खबर सामने आ रही है। अदृश्य दुश्मन ने वैसे ही समूचे प्रदेश सहित पूरे देश मे हाहाकार मचा रखा है। ऐसे में लोगों द्वारा लापरवाही (carelessness) बरतने के मामले भी सामने आ रहे है जिन्हें पुलिस (police) अपने स्तर पर दंडित भी कर रही है लेकिन इन सबके बीच ऐसी तस्वीरें भी सामने आ रही है जो प्रशासन पर तो सवालिया निशान लगा ही रही है साथ ही मानवीय मूल्यों को भी तार तार कर रही है।

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दरअसल, इंदौर के देपालपुर से ऐसी ही असहज तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है और जिम्मेदार मौन है क्योंकि वहां जिम्मेदार ने ही गैरजिम्मेदाराना हरकत को अंजाम दिया है। बता दें कि इंदौर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता कर्फ्यू का पालन सख्ती से कराया जा रहा है और सख्ती के ऐसे ही दृश्य रविवार को भी सामने आए है। ग्रामीण क्षेत्र के लिहाज से इन्दौर के देपालपुर क्षेत्र में भी सख्ती दिखाई दे रही है। यहां पर रविवार को जनता कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसने के लिए तहसीलदार बजरंग बहादुर पूरी बहादुरी के साथ फील्ड पर मौजूद थे।

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तहसीलदार की अगुवाई में देपालपुर के चमन चौराहा पर लोगो को रोका गया और बेवजह घूमने और नियमो का पालन नही करने वालों को ढोल ढमाकों के साथ काफी दूर तक मेंढक दौड़ लगानी पड़ी। इस दौरान ढोलक की थाप पर पकड़े गए दो दर्जन से ज्यादा लोगों से उठक बैठक भी लगवाई गईं। वही सजा के नाम पर मेंढक दौड़ लगाने वालों के खड़े होने पर प्रशासन ने क्रूरता दिखाई और स्वयं तहसीलदार बजरंग बहादुर लात मारते दिखाई दिये। ये दृश्य उस दौरान वहां मौजूद लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिए। तहसीलदार की इस अमानवीय हरकत के बाद अब सोशल मीडिया पर प्रशासन की जमकर किरकिरी हो रही है। वहीं सोशल मीडिया पर तो ये संदेश भी सामने आया है दौड़ा दौड़ा कर लात मारने वाले दोषी तहसीलदार बजरंग बहादुर पर यदि कार्रवाई नही होती है तो ग्रामीणजन स्वयं तहसीलदार का मुंह काला करेंगे। वही कांग्रेस विधायक विशाल पटेल ने भी तहसीलदार द्वारा लात मारे जाने को निंदनीय माना है।

हालांकि, प्रशासन का दायित्व है कि वो रोका टोकी करे और नियमो का पालन न करने वालो को उचित सजा भी दे लेकिन तहसीलदार बजरंग बहादुर की करतूत कोरोना काल मे ब्रिटिश काल को दोहराने पर अमादा है। फिलहाल, इस अमानवीय हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर तहसीलदार की कड़ी निंदा हो रही है ऐसे में अब सवाल ये उठता है कि प्रशासन उन पर क्या कार्रवाई करता है।

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