ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली काटने पर बवाल, कांग्रेस ने उठाये सवाल तो बीजेपी ने दिया ये जवाब

ग्रामीण

इंदौर, आकाश धोलपुरे। ग्रामीण क्षेत्रो में कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर सरकार चिंतित है और ये ही वजह है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासन को कोरोना की ग्रामीण चेन तोड़ने के लिए विशेष दिशा निर्देश देकर एक अभियान चलाने के आदेश दिए गए है। इसी के चलते गुरुवार को इंदौर जिले में क्राइसिस कमेटी की बैठक विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बुलाई गई। वहीं इस बैठक में कांग्रेस विधायक विशाल पटेल ने संक्रमित ग्रामीणों को जबरदस्ती कर कोविड केयर सेंटर ले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई इलाकों में ग्रामीणों के इंकार करने पर बिजली काट दी जा रही है जो सरासर गलत है उन्होने प्रशासन पर जमकर सवाल उठाये।

यह भी पढ़ें… चोरों ने पूरी अलमारी उठाई और भाग निकले, कुछ दूर जाकर खंगाली और काम का सामान लेकर रफूचक्कर

कांग्रेस विधायक का आरोप इन इलाकों में काटी गई घरों की बिजली

इंदौर में कांग्रेस विधायक विशाल पटेल ने मीडिया से बात कर कहा कि इन दिनों देपालपुर क्षेत्र में एक नया काम शुरू हो गया है। जो लोग होम आइसोलेशन में है उन पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना घर छोड़ दें और प्रशासन द्वारा बनाए गए कोविड केयर सेंटर में चले जाएं। जिन लोगों द्वारा इस तरह सेंटर में जाने से इनकार किया जा रहा है , उन लोगों के घरों की बिजली प्रशासन के निर्देश पर काटी जा रही है। तहसीलदार, पटवारी खुद बिजली विभाग की टीम को ले जाकर ऐसे नागरिकों के घरों की बिजली कटवा रहे हैं। कांग्रेस विधायक विशाल पटेल ने कहा कि इस तरह की घटना उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चांदेर, पिपलोदा सहित कई गांव में हो चुकी है। चांदेर में कृपाराम और शुभम हरिराम तथा पिपलोदा में मेहरबान सिंह सोलंकी और सिसोदिया के घर की बिजली काटी गई है । उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन इस तरह की हरकत करने से बाज आए।

इधर, इस मामले को लेकर इंदौर के प्रभारी मंत्री से मीडिया ने सवाल किये तो पहले उन्होंने कहा कि विधायक को इस समय ऐसी टिप्पणी करने से बचना चाहिये लेकिन जब मीडिया ने उन्हें उन गांवों की जानकारी दी तो वो बैकफुट पर आए और उन्होंने कहा ऐसे मामलो में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें… आज शाम सीएम शिवराज कर सकते हैं बड़ा ऐलान, इन स्थानों से हट सकता है कोरोना कर्फ्यू

प्रशासन के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर ये है कि वहां लोग प्रशासन की बातों को मानने के लिए तैयार नहीं है और इसी का परिणाम है कि ग्राम खजराया में तहसीलदार बजरंग बहादुर के साथ संक्रमित परिवार ने मारपीट तक कर डाली थी ऐसे में प्रशासन को स्थानीय प्रबुद्ध ग्रामीण नागरिकों की मदद लेकर लोगों के पास जाकर उन्हें ठीक ढंग से समझाने की रणनीति पर काम करने की आवश्यकता है।

Pratik Chourdia
लेखक के बारे में
Pratik Chourdia

CTO और डिजिटल हेड

Covering Entertainment Events around the World. CTO cum Digital Head of MP Breaking News View all posts by Pratik Chourdia →
Follow Us :GoogleNews