रेड जोन वाले इस जिले में 17 के बाद भी नहीं खुलेगा लॉकडाउन

रेड जोन वाले इस जिले में 17 के बाद भी नहीं खुलेगा लॉकडाउन

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

मध्यप्रदेश (madhypradesh) के मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर (indore)में लॉक डाउन-3 (lockdown )में भी स्थिति गंभीर है। आए दिन कोरोना पॉजिटिव (corona positive)मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अब तक कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1858 तक पहुंच गई है। वही 89 की मौत हो चुकी  है, ऐसे में सबके मन में एक ही सवाल खड़ा हो रहा है कि 17 के बाद लॉकडाउन खुलेगा की नही। लेकिन कलेक्टर (collector)ने साफ कर दिया है कि 17 के बाद इंदौर में लॉक डाउन नही खोला जाएगा।कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि इंदौर में 17 मई के बाद लॉकडाउन में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही है। इसलिए लोग अपने मन से यह बात निकाल दें कि 17 के बाद लॉकडॉउन समाप्त होने जा रहा है। लोगों को संयम रखना पड़ेगा।केंद्र सरकार (central government) के निर्देश और गाइडलाइन मानने के लिए जिला प्रशासन बाध्य नहीं है। जिले की स्थिति के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में शहर में चल रहे तीसरे चरण के लॉकडाउन को बढ़ाया जा सकता है।

दरअसल, 17 मई के बाद इंदौर में लॉक डाउन खुलने की चर्चा शहरभर में आम हो चली है लेकिन इन चर्चाओं पर आज उस वक्त विराम लग गया जब इंदौर कलेक्टर ने साफ कर दिया कि 17 मई के बाद लॉक डाउन पर निर्णय शहर के स्वास्थ्य और परिस्थितियों को देखकर लिया जाएगा।इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि शहर के स्वास्थ्य सुधार के लिए लोगो को थोड़ा संयम रखना होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र, एम.आईं. जी.थाना क्षेत्र, गंगवाल बस स्टैंड के पास एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में पॉजिटिव केस आ रहे है वही खजराना क्षेत्र और माणिकबाग क्षेत्र में भी कुछ पॉजिटिव केस है। जब तक ये सब चीजें ठीक नही हो जाती तब तक सभी को संयम रखना होगा।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि  इंदौर 90 से 95 प्रतिशत तक ठीक हो गया है लेकिन इसका मतलब ये नही है कि 17 मई को पूरा शहर खुल जायेगा। ऐसे में इस तरह की बाते न की जाए कि 17 मई को लॉक डाउन खत्म हो जाएगा। उन्होने बताया की भारत सरकार की जो भी गाइडलाइंस है वो स्थानीय प्रशासन के लिए बाध्यकारी नही है बल्कि सजेस्टिव है। शहर की परिस्थितियों को लेकर प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि जो महसूस कर रहे है उस हिसाब से काम होगा। उन्होंने ये भी साफ किया कि जो शहर के स्वास्थ्य हित के लिए आवश्यक होगा वो ही निर्णय लिया जाएगा।

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