
West Zone Regional Conference on Enhancing Access to Justice Indore
इंदौर में ‘Enhancing Access to Justice’ विषय पर वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों तक सरल और सुलभ न्याय पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए छोटे विवादों का समाधान कर अदालतों में लंबित मामलों का बोझ भी कम किया जा सकता है।
न्याय व्यवस्था में तकनीक का बढ़ रहा इस्तेमाल
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के दौर के कई गैर-जरूरी कानून खत्म किए गए हैं। ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई और डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रक्रिया आसान हुई है। मध्य प्रदेश में भी ई-जीरो FIR और साइबर सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। पेपर लीक और धोखाधड़ी के मामलों के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए हैं।
न्याय में देरी भी अन्याय के समान: CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय में देरी भी अन्याय के समान है। उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और सम्राट विक्रमादित्य का उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर निष्पक्ष न्याय और सुशासन की पुरानी परंपरा रही है।
संवाद से ही निकलेगा समाधान: CJI सूर्यकांत
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हर व्यक्ति तक न्याय की पहुंच केवल कानून से नहीं, बल्कि संवाद से भी संभव है। पीड़ित को सबसे पहले यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है। न्याय व्यवस्था को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि समाज का कोई व्यक्ति पीछे न छूटे।
कॉन्फ्रेंस में नालसा की शिक्षा स्कीम और थीम सॉन्ग को इंडियन साइन लैंग्वेज में लॉन्च किया गया। मध्यस्थता पर सर्टिफिकेट कोर्स और ‘जस्टिस टू चिल्ड्रन लिटिगेशन फेलोशिप प्रोग्राम’ का शुभारंभ भी हुआ। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के न्यायाधीश कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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