Indore News : महिला ने सर्च किया आई हॉस्पिटल का नंबर, ठग से हो गई कनेक्ट, 5 रुपए ट्रांसफर का झांसा देकर ऐंठे 3.96 लाख

इंदौर की रहने वाली एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई, उसने एक आई हॉस्पिटल का नंबर सर्च किया था जो ठग का निकला जिसने उसके एकाउंट से 3.96 लाख रूपए एनिकाल लिए ।
Banganga Police Station Indore

Banganga Police Station Indore

ऑनलाइन साइबर ठगी के लिए लगातार जागरूक करने और सावधान करने के बाद भी लोग शातिर  ठगों के जाल में फंस ही जाते हैं, अब  इंदौर में आंखों के डॉक्टर का नंबर सर्च करने के बाद महिला ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। उसने  गूगल पर एक आई हॉस्पिटल का नंबर सर्च किया जो किसी ठग का था और वो ठगी  का शिकार हो गई।

साइबर ठगों ने इस बार एक महिला के साथ अलग ही तरीके से ठगी की, उसने अपना नंबर इंदौर के राजेश नेत्रालय के नाम पर गूगल पर सेव कर दिया, जिससे कोई यदि ये नंबर सर्च करे तो उसके जाल में फंस जाए, औ ऐसा हुआ भी, इंदौर की रहने वाली एक महिला उसके जाल में फंस गई और अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठी।

एडिशनल डीसीपी क्राइम  राजेश दंडोतिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक  महिला ने आंखों के इलाज के लिए राजेश नेत्रालय का नंबर गूगल पर सर्च किया, सर्च में मिले नंबर पर जब उसने कॉल किया तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को कर्मचारी बताकर बात शुरू कर दी।

महिला को बातों में उलझाकर ऑनलाइन ठगी 

महिला से उसने उसकी बीमारी पूछी और फिर इस तरह की बातें की जिससे महिला को कोई शक न हो उसने महिला को इलाज की जानकारी दी और फिर 5 रुपये पेमेंट करने के लिए कहा तो महिला ने कर दिए, उसके बाद उसने महिला को ऐसा उलझाया कि उसे मालूम ही नहीं चला कि उसके साथ ठगी की जा रही है।

एकाउंट से निकल गए  3.96 लाख रुपये

महिला को तब अहसास हुआ जब उसके एकाउंट से  3.96 लाख रुपये निकल जाने के मैसेज आया,   एडिशनल डीसीपी ने कहा कि महिला की शिकायत पर साइबर ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है जल्दी ही आरोपी पुलिस की पकड में होगा ,  उन्होंने फिर लोगों से अपील की है कि साइबर ठगों से सावधान रहें पहले अच्छे से चैक कर लें फिर कोई पेमेंट करें वरन ठगी के शिकार हो सकते हैं।

शकील अंसारी की रिपोर्ट     

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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