चीन की सेना में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाने वाले एक शीर्ष जनरल समेत कई उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय सैन्य आयोग (CMC) के उपाध्यक्ष जनरल झांग यूक्सिया के खिलाफ ‘अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन’ के संदेह में जांच चल रही है।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति जिनपिंग द्वारा सेना में चलाए जा रहे लंबे ‘शुद्धिकरण अभियान’ की नवीनतम कड़ी है। इस अभियान का मकसद सेना में भ्रष्टाचार को खत्म करना और जिनपिंग के प्रति पूर्ण वफादारी सुनिश्चित करना है। झांग यूक्सिया इस जांच की जद में आने वाले अब तक के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं, जिससे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भीतर हलचल तेज हो गई है।
कई और बड़े अधिकारी भी निशाने पर
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, झांग यूक्सिया के अलावा CMC के एक और सदस्य लियू झेनली भी जांच के दायरे में हैं। लियू आयोग के ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ हैं। CMC चीन की सर्वोच्च सैन्य संस्था है और इसके अध्यक्ष खुद राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं।
हालांकि, मंत्रालय ने इन अधिकारियों पर लगे आरोपों या कथित घोटालों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। 75 वर्षीय झांग 1968 में सेना में शामिल हुए थे और उन्हें थल सेना का एक अनुभवी जनरल माना जाता है।
क्या है जिनपिंग का ‘शुद्धिकरण अभियान’?
विश्लेषकों का मानना है कि यह जांच जिनपिंग के उस व्यापक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान का हिस्सा है, जो 2012 में उनके सत्ता में आने के बाद से ही जारी है। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक 2 लाख से अधिक अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है।
इस अभियान का मुख्य फोकस सेना के भीतर भ्रष्टाचार, विश्वासघात और वफादारी सुनिश्चित करना है। हाल के दिनों में PLA की रॉकेट फोर्स और उपकरण खरीद इकाइयों से जुड़े कई शीर्ष जनरलों को भी इसी तरह की जांच के बाद बर्खास्त किया जा चुका है। पिछले साल अक्टूबर में आयोग के दूसरे उपाध्यक्ष हे वेइडोंग को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इस अभियान के जरिए शी जिनपिंग सेना पर अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहते हैं।





