नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने चुनी इच्छामृत्यु, 70 साल के साथ के बाद एक साथ दुनिया को कहा अलविदा

Former Dutch Prime Minister

Former Dutch Prime Minister and wife die  via duo euthanasia :  डच राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले पूर्व प्रधान मंत्री ड्रीस वैन एग्ट (Dries van Agt) और उनकी पत्नी यूजिनी (Eugenie) ने 93 साल की उम्र में इच्छा मृत्यु चुनकर एक साथ इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वो पिछले 70 साल से एक दूसरे के साथी थे। राइट्स फोरम ने एक आधिकारिक घोषणा में जोड़े के निधन की खबर साझा की।

पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने चुनी इच्छामृत्यु

नीदरलैंड के इस युगल ने इच्छामृत्यु (Euthanasia) की प्रथा के माध्यम से अपने जीवन को समाप्त करने का फैसला किया। इसी के साथ जोड़े का 93 वर्ष की आयु में उनके गृहनगर निजमेगेन में निधन हो गया। अंतिम समय में दोनों एक दूसरे का हाथ थामे हुए थे। हालांकि अभी भी नीदरलैंड में युगल इच्छामृत्यु की अवधारणा अपेक्षाकृत कम है। लेकिन धीरे-धीरे इसमें वृद्धि देखी गई है। 2022 में यहां इस तरह के 58 मामले दर्ज किए गए। नीदरलैंड में इच्छामृत्यु 2002 से छह स्थितियों के तहत कानूनी हैं जिनमें असहनीय पीड़ा, राहत की कोई संभावना नहीं और मृत्यु की लंबे समय से चली आ रही स्वतंत्र इच्छा शामिल है।

राइट्स फोरम ने दी जानकारी

राइट्स फोरम ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “परिवार के परामर्श से, हम घोषणा करते हैं कि हमारे संस्थापक और मानद अध्यक्ष ड्रीस वैन एग्ट का सोमवार, 5 फरवरी को उनके गृहनगर निजमेगेन में निधन हो गया। उनकी मृत्यु उनकी प्रिय पत्नी यूजिनी वान एग्ट-क्रेकेलबर्ग के साथ और हाथों में हाथ डाले हुई हुई, जिनके सहारे वह सत्तर साल से भी अधिक समय तक साथ रहे, और जिन्हें वे हमेशा ‘माय गर्ल’ के रूप में संदर्भित करते रहे। अंतिम संस्कार निजी तौर पर हुआ। वैन एग्ट और उनकी पत्नी दोनों 93 वर्ष के थे।”

डच राजनीति के अहम व्यक्ति थे ड्रीस वैन एग्ट

बता दें कि नीदरलैंड के प्रधान मंत्री के रूप में ड्रीस वैन एग्ट का कार्यकाल 1977 से 1982 तक रहा। इस दौरान वह क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक अपील पार्टी के शुरुआती नेता भी बने। उनकी राजनीतिक यात्रा को उनके मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित किया गया था। यहां तक ​​​​कि कार्यालय में रहने के बाद भी वो काम के लिए समर्पित रहे..जैसा कि 2009 में द राइट्स फोरम की स्थापना से पता चलता है, जो फिलिस्तीनी अधिकारों की वकालत करने के लिए समर्पित संगठन है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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