ईरान में महंगाई को लेकर हो रहा प्रदर्शन, अब तक 45 लोगों की हुई मौत, इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद

ईरान में महंगाई को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में अब तक 45 लोगों की जान जा चुकी है। बीते दिन भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते नजर आए। देशभर में फिलहाल इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसे लेकर निर्वासित क्राउन प्रिंस का कहना है कि लाखों ईरानी अपनी आजादी के लिए उठ खड़े हुए हैं।
ईरान में महंगाई को लेकर हो रहा प्रदर्शन, अब तक 45 लोगों की हुई मौत, इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद

ईरान में पिछले 13 दिनों से महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। गुरुवार को देश के हालात और बिगड़ गए। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर के लगभग 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हिंसक घटनाएं भी देखने को मिलीं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया और जगह-जगह आगजनी की। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई को मौत” और “इस्लामी गणराज्य के अंत” जैसे नारे भी लगाए।

वहीं अमेरिकी ह्यूमन राइट्स एजेंसी के मुताबिक ईरान में हो रहे इन प्रदर्शनों में अब तक 45 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस अधिकारी की भी हत्या कर दी। वहीं पुलिस की ओर से 2270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद

इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा तेहरान एयरपोर्ट से कोई भी फ्लाइट न तो उड़ान भर रही है और न ही लैंड कर रही है। देशभर में जगह-जगह हो रहे प्रदर्शनों के चलते सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं इस विरोध प्रदर्शन के दौरान तेहरान और ईरान के कई हिस्सों में डिजिटल ब्लैकआउट किया गया, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी ठप हो गई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर मार्च निकाला, जिससे जाम की स्थिति भी बन गई। लोगों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और पत्थरबाजी भी की।

जानिए क्या है प्रदर्शन का कारण?

ईरान में हो रहे इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण आर्थिक बदहाली है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। यह गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर पहुंच गई थी, जो ईरानी मुद्रा का अब तक का सबसे निचला स्तर है। ईरान में महंगाई चरम पर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि दवाओं की कीमतें भी 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा साल 2026 के बजट में 62 प्रतिशत टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे आम लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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