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ईरान में ‘राजद्रोह’ खत्म! अमेरिका-इजरायल की साजिश नाकाम: सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दावा

Written by:Rishabh Namdev
Published:
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में हफ्तों से जारी अशांति के खत्म होने का दावा किया है। उन्होंने इन प्रदर्शनों को अमेरिका और इजरायल द्वारा प्रायोजित 'राजद्रोह' बताते हुए कहा कि इस साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया है।
ईरान में ‘राजद्रोह’ खत्म! अमेरिका-इजरायल की साजिश नाकाम: सुप्रीम लीडर खामेनेई का बड़ा दावा

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश में अशांति फैलाने की ‘अमेरिकी-इजरायली साजिश’ को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि देश ने ‘राजद्रोह’ को पूरी तरह से खत्म कर दिया है और हालात अब सामान्य हो रहे हैं।

गौरतलब है कि ईरान पिछले कुछ हफ्तों से बड़े पैमाने पर राजनीतिक और सामाजिक अशांति का सामना कर रहा था। आर्थिक मुद्दों पर शुरू हुए ये प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गए, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो गई थी। सरकार ने इन प्रदर्शनों पर काबू पाने के लिए बेहद सख्त कार्रवाई की थी, जिसमें हजारों लोगों की जान जाने और कई लोगों को मौत की सजा दिए जाने की खबरें थीं।

अमेरिका-इजरायल पर साजिश का आरोप

अपने एक संबोधन में खामेनेई ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल पर ईरान को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन और तेल अवीव की मंशा देश को अंदर से कमजोर करना और उसे ‘निगल जाना’ था। उन्होंने कहा, “लेकिन ईरानी लोगों और सुरक्षाबलों ने मिलकर इस साजिश को पराजित कर दिया।”

खामेनेई ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘अपराधी’ बताते हुए उन पर दंगाइयों का खुले तौर पर समर्थन करने और देश में हुए जानमाल के नुकसान के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन, गिरफ्तारियां और सरकारी कार्रवाई

ईरान में ये विरोध प्रदर्शन शुरुआत में आर्थिक समस्याओं को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही इन्होंने सरकार विरोधी हिंसक रूप ले लिया। ईरानी सरकार का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को हाईजैक कर लिया था।

ईरानी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हालात पर नियंत्रण पाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश के भीतर या बाहर से अशांति फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

पटरी पर लौट रही जिंदगी? स्कूल-सेवाएं बहाल

ईरानी सरकार के दावों के मुताबिक, देश में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। तनाव कम होने के बाद मोबाइल मैसेजिंग सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, एक हफ्ते की बंदी के बाद स्कूलों को भी दोबारा खोल दिया गया है, जिससे आम जनजीवन के पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच, लेबनान के हिजबुल्लाह संगठन ने भी ईरान का समर्थन किया है, वहीं G7 देशों की टिप्पणियों को ईरान ने अपने आंतरिक मामलों में दखलंदाजी बताते हुए खारिज कर दिया।