तेहरान: ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर बंदर अब्बास शनिवार को एक जोरदार धमाके से दहल गया। होर्मोजगन प्रांत के आजादगान जिले में एक रिहायशी इमारत में हुए इस विस्फोट में अब तक 4 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। शुरुआती जांच में धमाके की वजह गैस रिसाव को बताया जा रहा है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रांत में दो विस्फोट हुए, जिसके बाद कई इमारतें ढह गईं। घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अफवाहों का बाजार गर्म, प्रशासन ने किया खंडन
इस धमाके के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से अफवाहें फैलने लगीं। कुछ पोस्ट में इसे सैन्य हमला बताया गया, तो वहीं कुछ में दावा किया गया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी को निशाना बनाया गया है। इन अफवाहों के कारण इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हालांकि, ईरानी मीडिया और स्थानीय प्रशासन ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। प्रशासन ने इसे एक दुर्घटना करार देते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इसे एक साजिश के तहत फैलाई जा रही झूठी खबर बताया गया है।
रणनीतिक रूप से अहम है बंदर अब्बास
बंदर अब्बास ईरान के लिए व्यापार और तेल निर्यात के लिहाज से सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है। राहत की बात यह है कि इस धमाके का असर शहर की मुख्य तेल रिफाइनरी या पाइपलाइनों पर नहीं पड़ा है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब यह शहर किसी बड़े धमाके से दहला हो। पिछले साल इसी शहर के शाहिद रजाई पोर्ट पर मिसाइल ईंधन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल ‘सोडियम परक्लोरेट’ के कंटेनरों में हुए विस्फोट ने भारी तबाही मचाई थी। उस हादसे में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 1200 से अधिक घायल हो गए थे। उस घटना की वजह से भी इस बार लोगों में ज्यादा डर देखा गया।





