अयोध्या में श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर कनाडा के हैलिफ़ैक्स में आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिला। 17 जनवरी, 2026 को हैलिफ़ैक्स हिंदू सोसायटी और अटल ने मिलकर तीसरे वार्षिक ‘श्री राम महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में न केवल हिंदू समुदाय, बल्कि सिख समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की।
भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ माहौल
महोत्सव की शुरुआत सुंदरकांड के पाठ से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद भगवान राम को समर्पित भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम में उच्च स्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। युवा कलाकार रुशा ने अपने कथक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया, वहीं ‘रिदम रॉकर्स’ समूह के ऊर्जावान प्रदर्शन ने भी खूब वाहवाही बटोरी।
सांप्रदायिक एकता की मिसाल: सिख समाज ने खोला दिल और रसोई
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत सामुदायिक एकता रही। लगातार दूसरे वर्ष, मैरीटाइम सिख सोसाइटी (MSS) ने इस महोत्सव के लिए प्रसाद तैयार करने में आयोजकों का पूरा सहयोग किया। उन्होंने इस नेक काम के लिए अपनी रसोई के दरवाजे खोल दिए, जो करुणा, निस्वार्थ सेवा और विभिन्न समुदायों के बीच एकता के साझा मूल्यों को दर्शाता है। यह कदम दोनों समुदायों के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक बन गया।
आयोजकों ने सभी का आभार जताया
हैलिफ़ैक्स हिंदू सोसाइटी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सहयोगियों और स्थानीय परिवारों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
“हम अपने स्थानीय परिवारों और सामुदायिक भागीदारों – IFCNS, त्रिवेणी इवेंट्स, हैलिफ़ैक्स के बंगाली (BIH), हिंदू स्वयंसेवक संघ (HSS), और विश्व हिंदू परिषद कनाडा (VHP कनाडा) के निरंतर प्रेम और समर्थन के लिए वास्तव में आभारी हैं। यह सद्भाव और सेवा का बंधन और भी मजबूत होता रहे।” — हैलिफ़ैक्स हिंदू सोसाइटी
यह उत्सव इस बात का प्रमाण है कि भगवान राम के मूल्य, जैसे न्याय, करुणा और सत्य, केवल भारत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ये दुनिया भर में बसे हिंदुओं के लिए साहस, समर्पण और भक्ति का स्रोत हैं।





