श्रीलंका में हुए हालात बुरे, राष्ट्रपति आवास पर कब्जे के बाद भीड़ ने किया गाले स्टेडियम का घेराव, राजपक्षे फरार

श्रीलंका में हुए हालात बुरे, राष्ट्रपति आवास पर कब्जे के बाद भीड़ ने किया गाले स्टेडियम का घेराव, राजपक्षे फरार

Source: Social Media

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। श्रीलंका (Sri Lanka) में हालात और भी ज्यादा बुरे होते जा रहें। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है। श्रीलंका में बिगड़े हालातों का असर शनिवार को कोलंबो समेत अन्य कई शहरों में भी नजर आया और फिलहाल राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे भाग चुके है। एक तरफ जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर अपना कब्जा कर लिया है, तो वहीं गॉल स्टेडियम के बाहर भी प्रदर्शनकारी पहुंच चुके हैं।

यह भी पढ़े… Whatsapp जल्द ला रहा है नया फीचर, यूजर्स अपने अकाउंट को दो स्मार्टफोन में कर पाएंगे यूज, जाने

स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका का टेस्ट मैच चल रहा है। स्टेडियम के बाहर और अंदर पहुंचकर प्रदर्शनकारी खूब नारें लगा रहे हैं और मांग कर रहें हैं। हालांकि इसका मैच पर कोई असर नहीं पड़ा। श्रीलंका के अलग-अलग शहरों में भीड़ इकट्ठा हो रही है, इसमें कई जाने-माने हस्ती भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या भी प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर दिखाई दिए।

यह भी पढ़े… सिंधिया का दावा प्रदेश में अब होगी ट्रिपल इंजन की सरकार

शनिवार को राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग करते हुए भीड़ ने राष्ट्रपति आवास पर कब्जा कर लिया और गोटाबाया राजपक्षे भी भाग चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अप्रैल के शुरुवात से ही राष्ट्रपति ऑफिस का इस्तेमाल घर की तरह कर रहे हैं और तब से ही प्रदर्शनकारी ऑफिस के बाहर डटे हैं। हालांकि कोलंबो शहर से भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आँसू गैस और पानी की बौछार भी है।

अबतक 2 पुलिस के जवान और 30 लोगों के घायल होने की खबर सामने आ चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति को ऑफिशियल आवास से हत्या दिया गया था और प्रधानमंत्री भी सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। समस्या का समाधान निकालने के लिए पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने आपात बैठक शनिवार को बुलाई है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews