ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने मध्य पूर्व में तनाव को और हवा दे दी है। मंगलवार (13 जनवरी 2026) को ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि ‘मदद रास्ते में है’। इस पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिका को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी है।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए कहा, ‘ईरानी देशभक्तों, प्रोटेस्ट जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो। मदद रास्ते में है।’ हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस मदद का स्वरूप क्या होगा। उनके इस बयान को अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के एक नए संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
रूस की अमेरिका को कड़ी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद रूस ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पर किसी भी नए सैन्य हमले की धमकी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘अमेरिका को मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसे कार्यों के विनाशकारी परिणामों के बारे में पता होना चाहिए।’
मंत्रालय ने आगे कहा कि जो लोग जून 2025 के हमले को दोहराने के बहाने के रूप में अशांति का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना चाहिए।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
अमेरिका की ओर से बढ़ते दबाव के बीच ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने ट्रंप के बयान के कुछ ही मिनट बाद उन्हें और नेतन्याहू को ईरानी जनता का ‘मुख्य हत्यारा’ घोषित कर दिया।
वहीं, ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह ने कहा कि अगर अमेरिका कोई हमला करता है तो तेहरान उसका करारा जवाब देगा। उन्होंने कहा, ‘हम किसी भी हमले का जोरदार जवाब देंगे। क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकाने और वाशिंगटन की मदद करने वाले देश हमारे लिए वैध लक्ष्य होंगे।’
प्रदर्शनों में 2,000 लोगों की मौत का दावा
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हुई कार्रवाई में अब तक लगभग 2,000 लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच, ट्रंप ने कहा है कि जब तक प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद नहीं होतीं, तब तक उन्होंने ईरानी अधिकारियों से किसी भी तरह की बातचीत रद्द कर दी है। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने 12 जनवरी को कहा था कि ईरान पर एयरस्ट्राइक उन कई विकल्पों में से एक है जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप विचार कर रहे हैं, हालांकि कूटनीति हमेशा पहला विकल्प है।





