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ट्रंप को दिया नोबेल मेडल, बदले में मिला लाल थैला, वेनेजुएला की नेता मरिया मचाडो की व्हाइट हाउस में क्या हुई डील?

Written by:Ankita Chourdia
Published:
वेनेजुएला की विपक्षी नेता मरिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी समर्थन की उम्मीद में अपना नोबेल शांति पुरस्कार मेडल डॉनल्ड ट्रंप को सौंप दिया। हालांकि, उन्हें समर्थन के बजाय ट्रंप-ब्रांडेड बैग मिला, जिससे उनकी राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रंप को दिया नोबेल मेडल, बदले में मिला लाल थैला, वेनेजुएला की नेता मरिया मचाडो की व्हाइट हाउस में क्या हुई डील?

वेनेजुएला की राजनीति में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला है। विपक्षी नेता मरिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से समर्थन पाने की कोशिश में अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल ही उन्हें सौंप दिया। लेकिन इस बड़े कदम के बदले उन्हें मिला एक लाल रंग का ट्रंप-ब्रांडेड स्वैग बैग, जिसने कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मचाडो ने 15 जनवरी को व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ एक बैठक की थी। निकोलस मादुरो की मुखर आलोचक मानी जाने वाली मचाडो ने यह कदम इस उम्मीद में उठाया कि इससे उन्हें वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए अमेरिका का पुख्ता समर्थन मिलेगा। मचाडो, जो खुद को मादुरो के बाद देश की भावी नेता के तौर पर देखती हैं, ने 2025 में लोकतंत्र की बहाली के लिए अपने अभियान को लेकर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता था।

समर्थन की उम्मीद, मिला ट्रंप-ब्रांडेड बैग

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मचाडो ने अपना मेडल व्हाइट हाउस में इसी आस में छोड़ा था कि अमेरिका उनके पक्ष में खुलकर सामने आएगा। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप मेडल को अपने पास रखना चाहते हैं। इस मुलाकात के बाद मचाडो को व्हाइट हाउस से निकलते हुए एक लाल बैग के साथ देखा गया, जिस पर सुनहरे अक्षरों में राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर थे। इस घटना से लगता है कि समर्थन हासिल करने की उनकी कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो पाई।

क्या था उस लाल बैग के अंदर?

हालांकि यह साफ नहीं है कि मचाडो को दिए गए बैग में वास्तव में क्या था, लेकिन ट्रंप के वीआईपी मेहमानों को दिए जाने वाले गुडी बैग्स की चर्चा हमेशा होती रही है। पेज सिक्स के अनुसार, जनवरी 2025 में ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में वीआईपी मेहमानों को खास स्वैग बैग दिए गए थे।

इन बैग्स में कथित तौर पर ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की तस्वीर वाला एक मेडल, यूएस कैपिटल के स्केच वाली एक लेदर जर्नल, एक लेदर का सिक्का और व्हाइट हाउस का क्रिसमस ऑर्नामेंट शामिल था। इसके अलावा मेहमानों को डाइट कोक की एक खास बोतल भी दी गई थी, जिस पर शपथ ग्रहण समारोह की तारीख लिखी थी। इससे पहले 2017 के शपथ ग्रहण समारोह में भी चुनिंदा लोगों को ऐसे ही गिफ्ट बैग बांटे गए थे।

नोबेल कमेटी ने क्या कहा?

इस पूरे मामले पर ओस्लो स्थित नोबेल पीस सेंटर ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मचाडो ने भले ही अपना स्वर्ण पदक ट्रंप को दे दिया हो, लेकिन नोबेल सम्मान उन्हीं का रहेगा। कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि मेडल का मालिकाना हक बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं।

“एक मेडल का मालिक बदल सकता है, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का टाइटल नहीं।” — नोबेल पीस सेंटर

व्हाइट हाउस ने 15 जनवरी, 2026 को एक तस्वीर भी जारी की थी, जिसमें ट्रंप हाथ में मेडल का फ्रेम लिए मचाडो के साथ दिख रहे हैं। कैप्शन में इसे वेनेजुएला के लोगों की तरफ से ट्रंप के नेतृत्व के लिए आभार का प्रतीक बताया गया था। यह घटना मचाडो की राजनीतिक रणनीति और अमेरिकी समर्थन की जटिलताओं पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।