इंदौर के 4 पत्थरबाज जबलपुर जिला अस्पताल में भर्ती, ICMR भेजे गए सेम्पल

इंदौर के 4 पत्थरबाज जबलपुर जिला अस्पताल में भर्ती, ICMR भेजे गए सेम्पल

जबलपुर| इंदौर में कोरोना वायरस संदिग्धों का जब डॉक्टरों की टीम इलाज करने पहुंची थी तो उन डॉक्टरों पर हमला किया गया था। ऐसे हमलावरों को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद सभी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही भी की। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर बाद में इन पत्थरबाजों को जबलपुर और रीवा के जिलों में निरुद्ध किया गया है। जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में भी चार पत्थरबाजों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भेजा गया है। मूलतः इंदौर के रहने वाले चारों पत्थरबाजों पर सर्दी- खांसी और बुखार के लक्षण पाए जाने के बाद भर्ती किया गया है।

जबलपुर जेल प्रशासन ने चारों ही पत्थरबाजों को जबलपुर के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है वर्तमान में चारों ही पत्थरबाज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं जिनके सैंपल लेकर आईसीएमआर भेजे गए हैं हालांकि अभी तक चारों ही पत्थरबाजों के सैंपल प्राप्त नहीं हुए हैं। जबलपुर एसपी अमित सिंह ने बताया कि इंदौर में डॉक्टरों पर हमला करने वाले पत्थरबाजों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत रीवा और जबलपुर के जेलों में रखा गया है कल इंदौर से चार पत्थरबाजों को जबलपुर के केंद्रीय जेल में भेजा गया था जिनमें सर्दी और बुखार के लक्षण पाए गए थे लिहाजा उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चारों ही पत्थरबाजों के सैंपल को प्राथमिकता के आधार पर आईसीएमआर से जांच करने की गुजारिश की है। फिलहाल इंदौर के चारों ही पत्थरबाज जिला अस्पताल जबलपुर के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं जहां सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात की गई है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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