जबलपुर में कल शाम से 58 घंटे का लॉकडाउन, यह होंगे प्रतिबंध

जबलपुर में कल शाम से 58 घंटे का लॉकडाउन, यह होंगे प्रतिबंध

जबलपुर| संदीप कुमार| मध्यप्रदेश सहित जबलपुर में भी लगातार कोरोना वायरस संक्रमण फैल रहा है। राजधानी भोपाल में टोटल लॉक डाउन के बाद संस्कारधानी जबलपुर में भी लॉक डाउन की तैयारी शुरू कर दी गई है| शुरुआती दिनों में प्रशासन ने 58 घंटो के लिए लॉक डाउन का एलान कर दिया है जो कि शुक्रवार की रात से लागू होगा|

राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लगाया लॉक डाउन
जबलपुर में बीते कुछ दिनों से कोरोना पॉजिटिव के केस में जमकर इजाफा हुआ है यही कारण है कि जिला प्रशासन ने नगर निगम सीमा में शुक्रवार की शाम से 58 घंटे टोटल लॉक डाउन करने का निर्णय लिया है।यह लॉक डाउन सोमवार सुबह 5 बजे तक रहेगा|

अति आवश्यक वस्तुओं को मिलेगी छूट
58 घंटे के लॉक डाउन में जिला प्रशासन ने अति आवश्यक वस्तु जैसे कि दूध,मेडिकल स्टोर,पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आदि की दुकानों को खोले रखने की अनुमति दी है। इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की व्यवस्था की गई है जनरल स्टोर, फल -सब्जी आदि की दुकान पूरी तरह से बंद रहेंगी।साथ ही जिनके यहां विवाह की तारीख 24, 25 एवं 26 को पहले से ही नियत है उन्हें इस प्रतिबंध से छूट रहेगी विवाह में सिर्फ 20 व्यक्ति ही शामिल होंगे।

लॉकडाउन में दो पहिए एवं चार पहियों का संचालन पूरी तरह से रहेगा बंद
जबलपुर कलेक्टर ने निर्देश को लेकर कहा है कि 58 घंटे के लॉकडाउन में दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। इस दौरान सिर्फ नगर निगम,पुलिस,राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, आपदा प्रबंधन एवं मीडिया जो कि इमरजेंसी ड्यूटी में रहते हैं उन्हें ही घरों से बाहर वाहनों में निकलने की अनुमति होगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्यवाही
जबलपुर कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews