सांसद सुमित्रा बाल्मीक की कार को टक्कर मारने वाला युवक गिरफ्तार, एक स्टीकर से पुलिस ने खोज निकाला

पुलिस ने गोकलपुर से रांझी तक के बीच करीब 40 सीसीटीवी कैमरे खंगाल डाले, पर कार की रफ्तार अधिक होने के कारण नंबर ट्रेस नहीं हुआ। हालांकि पीछे लगा एक स्टीकर ने पुलिस की मदद की और फिर 9 दिन बाद पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार किया।
MP Sumitra Balmik car accident

MP Sumitra Balmik car accident

राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक की कार को टक्कर मारने वाले युवक को रांझी पुलिस ने पकड़ लिया है। 20 फरवरी को राज्यसभा सांसद जब गनमैन और पीए के साथ रांझी अपने निवास जा रही थी, तभी गोकलपुर के पास तेज रफ्तार कार ने उनके वाहन को पीछे से टक्कर मार दी थी। इस घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई, पर टक्कर के बाद से लगातार राज्यसभा सांसद की तबीयत बिगड़ी हुई है। सांसद के चालक विलास सेन की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक की तलाश शुरू की।

बता दें 20 फरवरी की रात करीब 11 बजे राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक अंधमूक बाइपास से कार क्रमांक एमपी 20 जेडई 7788 से रांझी अपने निवास जा रही थी। रात करीब साढ़े 11 बजे जैसे ही उनकी कार गोकलपुर के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रही सफेद कार ने टक्कर मार दी, जिससे राज्यसभा सांसद की कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। अच्छी बात यह थी कि इस घटना मे कोई जनहानि नहीं हुई, पर घटना के बाद सुमित्रा बाल्मीकि का स्वास्थ्य  खराब है। घटना के बाद मौके पर पहुंची रांझी थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी।

एक स्टीकर की मदद से पकड़ में आया आरोपी   

पुलिस ने आरोपी कार चालक की तलाश में तीन किलोमीटर के भीतर लगे 40 से अधिक कैमरे खंगाल डाले लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण नंबर ट्रेस नहीं हो पाया। पुलिस ने कार की 10 से अधिक फोटो ली जिस पर एक स्टीकर लगा हुआ दिखा जिसमें पुलिस लिखा हुआ था। रांझी सीएसपी सतीष साहू के साथ थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी और उनकी टीम ने रांझी खमरिया में 20 से अधिक स्विफ्ट कार को तलाश डाला पर सफलता हाथ नहीं लगी। इसी दौरान रविवार शाम पुलिस को जानकारी लगी कि एक सफेद कार जिसमें पुलिस का स्टीकर भी लगा हुआ है, वह मनमोहन नगर रांझी बड़ा पत्थर के पास खड़ी हुई है।

आरोपी ने बताया कैसे हुई घटना 

टीआई टीम के साथ फौरन मौके पर पहुंचे और कार को जब्त किया। पूछताछ के दौरान पता चला कि कार का मालिक मनीष धनधारिया है जो प्राइवेट जॉब करता है। उसने बताया कि 20 तारीख की रात को सीनियर स्टाफ क्लब में हुई पार्टी से वापस घर लौट रहा था। गोकलपुर के पास उसकी कार का राज्यसभा सांसद की गाड़ी से टक्कर हो गई थी। उसने बताया कि वह घटना के बाद से बहुत डर गया था, जिस कारण से सीधे घर आया और कार को ढ़ककर रख दिया था। थाना प्रभारी रांझी उमेश गोल्हानी ने बताया कि आरोपी मनीष धनधारिया के पिता एसएएफ बटालियन मे हेड कास्टेबल के पद पर पदस्थ है और वह जबलपुर में एक ही कंपनी में जाब करता है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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