महिला डॉक्टर की मौत के बाद सुर्खियों में आई करोड़ों की जमीन पर नगर निगम ने किया कब्जा

डाक्टर हेमलता श्रीवास्तव जिला अस्पताल में पदस्थ थी। शहर की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हेमलता के पति महेश श्रीवास्तव का 2025 में देहांत हो गया था, वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से रिटायर्ड हुए थे। इससे पहले डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के बेटे रचित श्रीवास्तव का 2022 में मौत हो गई थी।
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जबलपुर में पिछले कुछ दिनों से चर्चित मामलें में आखिरकार नगर निगम ने करोड़ों की जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की राईट टाउन स्थित संपत्ति पर नगर निगम ने कब्जा कर लिया है। गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश अहिरवार की मौजूदगी में निगम की टीम डॉ हेमलता श्रीवास्तव के बंगले पहुंची और पूरी प्रॉपर्टी को हेंड ओवर लेते लिया। नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि यह पूरी प्रॉपर्टी लीज पर दी गई थी जिसमें की शर्तों का भी उल्लंघन किया गया है।

नगर निगम ने लीज पर दी थी जमीन 

नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि करीब 25000 स्क्वायर फीट की जो जमीन है, उसे नगर निगम ने लीज पर दिया था, लीज शर्तों का उल्लंघन भी किया गया है। हेमलता श्रीवास्तव को रेजिडेंशियल उद्देश्य से यह जमीन दी गई थी लेकिन यहां पर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था, इस जमीन पर दुकान खोल दी गई थी, जो कि सीधे-सीधे प्रशासन के आदेश की अवहेलना भी है। निगम कमिश्नर ने बताया कि आदेश में लिखा हुआ था कि यह प्रॉपर्टी किसी को हस्तांतरित भी नहीं की जा सकती है इसके बावजूद भी इस प्रॉपर्टी पर कई लोगों ने अपना दावा किया था। निगम कमिश्नर ने बताया कि प्लीज का हर साल रेंट भी देना जरूरी होता है लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बुधवार को दावे पति भी बुलवाए गए थे लेकिन किसी ने इस जमीन पर अपना हक नहीं जताया जिसके बाद अब नगर निगम ने पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है जल्द ही यहां पर निगम का ऑफिस भी खुलेगा।

बेटे और पति की मौत के बाद अकेले रह रही थी महिला डाक्टर 

डाक्टर हेमलता श्रीवास्तव जिला अस्पताल में पदस्थ थी। शहर की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हेमलता के पति महेश श्रीवास्तव का 2025 में देहांत हो गया था, वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से रिटायर्ड हुए थे। इससे पहले डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के बेटे रचित श्रीवास्तव का 2022 में मौत हो गई थी। पति और बेटे की मौत के बाद इस पूरी बंगले में डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव नौकरों के साथ रह रही थी। डॉ सुमित जैन और डॉक्टर प्राची जैन ने 25000 स्क्वायर फीट जमीन में से 11000 स्क्वायर फीट की जमीन अपने नाम पर दान पत्र के माध्यम से करवा ली थी।

आईएमए ने किया था विरोध 

गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी इस पूरी प्रॉपर्टी पर दावा करते हुए बताया था कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी मर्जी से गायत्री ट्रस्ट को यह जमीन दे दी है। जिसका कि आईएमए ने विरोध भी किया था। डाक्टर हेमलता श्रीवास्तव के बयान के बाद मदन महल थाना पुलिस ने डॉ सुमित जैन और डॉक्टर प्राची जैन के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। मदन महल थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर केसरी नंदन राय ने बताया कि मृत्यु के पूर्व एसडीएम ने जब उनके बयान दर्ज किए थे तब उन्होंने बताया था कि ससुर और बेटे के नाम पर मेमोरियल अस्पताल खुलवाने को लेकर उन्होंने धोखे से अपने नाम रजिस्ट्री करवाई थी। उन्होंने बताया कि फिर के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है जल्द ही दोनों की गिरफ्तारी भी होगी।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Sushma Bhardwaj
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