जबलपुर में अवैध काम को बढ़ाने और रोकने..दो गुटों में बंटी भाजपा

जबलपुर में अवैध काम को बढ़ाने और रोकने..दो गुटों में बंटी भाजपा

जबलपुर, संदीप कुमार
एक तरफ जहाँ जनता कोरोना वायरस से जीतने अपनी पूरी ताकत लगा रही है वहीँ राजनैतिक पार्टियों में सिर्फ कटाक्ष शब्दों का एक दूसरे के ऊपर प्रहार देखा जा सकता है| अगर बात करे जबलपुर की तो कोरोना से लड़ने जिले के सभी अधिकारी आज भी हर समय जनता के बीच खडे है और अपनी ड्यूटी निभा रहे है जिसके फलस्वरूप आज शहर की जनता कलेक्टर की कार्यशैली से बहुत खुश नज़र आ रही है l

अवैध माफिया का क्या है सम्बन्ध नेता जी से…

लेकिन वहीँ बात करें शहर की राजनीति की तो एक अलग गुटबाज़ी देखने को मिल रही है l राजनिति में एक बड़े नेता इस बात से नाराज नज़र आ रहे है की शहर मै जिस तरीके से अवैध उत्खनन, भू माफियाओ का सफाया, अवैध शराब हो या अवैध रेत इन सब पर कलेक्टर- एस पी ने अपना शिकंजा कसा है l वैसे ही इन बड़े नेताओं ने भोपाल तक इनको हटाने कूच करना शुरू कर दी है l

दो गुटों में बंटती भाजपा
सूत्रों की माने तो इस बड़े नेता के व्यवहार और कार्यशैली के कारण शहर में भाजपा दो गुटों में बटती नज़र आ रही है l क्योंकि जिस तरह से अधिकारियो ने सारे अवैध कार्य को बंद कराने अपनी योजना बनाई है उससे नाराज़ यह शीर्ष नेता और इन अधिकारियो से कुछ नेता आपस में बटते नज़र आ रहे है l

जनता जनार्दन कलेक्टर की कार्यशैली से खुश
कोरोना काल मे कलेक्टर का जनता का बीच रहना भी यह दिखा रहा है कलेक्टर की कार्यशैली को जनता पसन्द कर रही है |

संगठन को नही थी जानकारी
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री शरद जैन, विधायक अजय विश्नोई सहित कई दिग्गज नेता कलेक्टर से मुलाकात करने पहुंचे पर खास बात यह थी कि भाजपा के इन नेताओं की मुलाकात को लेकर संगठन को खबर ही नहीं, संगठन का कहना है कि उन्हें इस विषय में कुछ भी जानकारी नहीं है कि आखिर कौन लोग कलेक्टर से मिलने गए थे और किस उद्देश्य से। बहरहाल इस घटना के बाद साफ तौर पर देखा जा रहा है कि भाजपा इन दिनों जबलपुर में दो गुटों में बट गई है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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