केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ओएफके में ब्लास्ट, डीएससी का जवान घायल

केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ओएफके में ब्लास्ट, डीएससी का जवान घायल

जबलपुर/संदीप कुमार

हादसों के लिए मशहूर हो चुकी देशभर में केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया में एक बार फिर हादसा हुआ है। शुक्रवार को हुए इस हादसे में डीएससी का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे कि इलाज के लिए फैक्ट्री के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

कबाड़ में पड़ा हुआ था डेटोनेटर
जानकारी के मुताबिक ए-10 सेक्शन के बाहर खराब कबाड़ पड़ा हुआ था उसी दौरान डीएससी का जवान कबाड़ को चेक करने आया और जब वह वहाँ चेक करने में जुटा हुआ था तभी कबाड़ में जोरदार ब्लास्ट हुआ। इस हादसे में डीएसपी जवान को पैर और पेट मे गंभीर चोट आई है। आनन फानन में कर्मचारियों ने घायल जवान को फैक्टरी के अस्पताल में भर्ती किया है जहाँ उसका ईलाज जारी है।

कबाड़ को नीलाम कर ले जाते है ठेकेदार
फैक्टरी में खराब कबाड़ के लिए नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है।आज भी ठेकेदार कबाड़ को लेने आया हुआ था।कबाड़ की जब डीएससी जवान जाँच कर रहा था उसी दौरान वहाँ रखा जिंदा डेटोनेटर फट गया।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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