बाघो के संरक्षण के लिए नहीं आएगी बजट की कमी : वित्त मंत्री

बाघो के संरक्षण के लिए नहीं आएगी बजट की कमी : वित्त मंत्री

जबलपुर। बाघ न केवल मध्य प्रदेश की शान है बल्कि हिंदुस्तान की शान है और बाघो के संरक्षण के लिए किसी भी कीमत पर फंड की कमी नही आने देंगे ये कहना है मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भानोत का।जबलपुर पहुंचे वित्तमंत्री तरुण भानोत ने बाघों के रख रखाव के लिए वन विभाग को अलग से फंड देने के मसले पर कहा कि मध्य प्रदेश का वन विभाग बाघों के लिए पूरी तरह से मुस्तैद होकर काम कर रहा है क्योंकि बाघ न केवल मध्य प्रदेश की शान है बल्कि हिंदुस्तान की शान ह,और ये गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश ने अपना खोया हुआ टाइगर स्टेट का दर्जा पुनः वापस पा लिया है और ये हम सबके लिए गर्व की बात है इसलिए बाघों के संरक्षण के लिए वन विभाग को जिस भी फंड की जरूरत पड़ेगी उसकी पूर्ति करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।वित्त विभाग के पास प्रशानिक विभागों से जो भी प्रस्ताव आते है,विभागों की प्राथमिकता के तौर पर उसका आवंटन हमेशा से किया जाता है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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