जबलपुर में संक्रमितों की संख्या 200 पार, एक ही परिवार के तीन लोग निकले पॉजिटिव

जबलपुर में संक्रमितों की संख्या 200 पार, एक ही परिवार के तीन लोग निकले पॉजिटिव

जबलपुर| संदीप कुमार| कोरोना संक्रमण (Corona Virus) का आंकड़ा जबलपुर (Jabalpur) में लगातार बढ़ रहा है । आज जिले में पॉजिटीव केसों की संख्या 200 के पार पहुँच गई है। मेडिकल कॉलेज (Medical College) का वायरोलॉजी लैब से आज 30 सेम्पल की रिपोर्टस प्राप्त हुई है जिसमे एक ही परिवार के तीन व्यक्तियों पिता, माँ और बेटी को कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। इन तीनो की उम्र क्रमशः 32 वर्ष, 28 वर्षऔर डेढ़ वर्ष है। तीनों ही धनोतिलाल कोटिया तहसील सलीमपुर जिला देवरिया उत्तरप्रदेश के निवासी हैं।

ये परिवार अपने घर जाने के लिये 20 मई को मुंबई से उत्तरप्रदेश के लिए ट्रेन से यात्रा शुरू की थी। अचानक ही रास्ते में सफर कर रही डेढ़ साल की बच्ची के डिहाइड्रेशन, उल्टी और डायरिया से पीड़ित होने के चलते परिवार जबलपुर स्टेशन में उतर जाता है। रेलवे हेल्पलाईन पर सूचना देने पर उन्हें इलाज के लिये मेडिकल भेजा जाता है पर अस्पताल जाते समय बच्ची की रास्ते में ही मौत हो जाती है। परिवार वापस रेलवे स्टेशन आ जाता है।जबलपुर जिला प्रशासन म्रत बच्ची का जहाँ अंतिम संस्कार करता है वही माता पिता और मृतक बच्ची का सेम्पल लिया जाता है। तीनों की सेम्पल रिपोर्ट आज प्राप्त हुई जो कि कोरोना पॉजिटिव निकली है। बच्ची का कल शुक्रवार को ही कोरोना पॉजिटिव मानकर पूरे प्रोटोकाल के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया था वही अब बच्ची के माता पिता को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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