जर्जर मकान में मिला एक्सपायरी डेट की दवाइयों का जखीरा, पुलिस और ड्रग विभाग मौके पर

जर्जर मकान में मिला एक्सपायरी डेट की दवाइयों का जखीरा, पुलिस और ड्रग विभाग मौके पर

जबलपुर, संदीप कुमार
हाल ही में कोतवाली के पास एक जर्जर मकान के गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद अब नगर निगम शहर के तमाम जर्जर मकान तोड़ने में जुट गए है।आज भी जब नगर निगम की टीम भंवरताल के पास एक जर्जर मकान को तोड़ने पहुँची तो देखा कि उस मकान में एक्सपायरी डेट की दवाईयों का जखीरा पड़ा हुआ है।जर्जर मकान में मिली दवाइयों की जानकारी तुरन्त ही स्वास्थ्य विभाग को दी गई जिसके बाद मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस की टीम पहुँची|

शिव शंकर दुबे का है जर्जर मकान, 2019 में प्रेमलता लोखंडे ने खरीदा था 

जानकारी के मुताबिक 2019 में दयानंद सरस्वती वार्ड में स्थित जर्जर मकान को जो कि शिव शंकर दुबे का था उसे प्रेमलता लोखंडे ने खरीदा था।मकान बहुत पुराना और जर्जर है लिहाजा उसे तोड़ने के लिए प्रेमलता में नगर निगम में आवदेन दिया था। आज नगर निगम का दल-बल जब जर्जर मकान को तोड़ने पहुंचा तो देखा कि वहां पर भारी मात्रा में एक्सपायर डेट की दवाइयां पड़ी हुई है साफ तौर पर देखने में लग रहा है कि यह दवाइयां काफी समय से इस जर्जर मकान में रखी गई है निश्चित रूप से यह अवैध दवा रखने का स्टॉक था।

सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पहुंची मौके पर
जर्जर मकान को तोड़ने के लिए जब नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और देखिए कि वहां पर भारी मात्रा में एक्सपायर डेट की दवाइयां रखी हुई है तो उसके बाद तुरंत ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक्सपायर डेट की दवा को जप्त कर सैंपल के लिए भोपाल भेज दिया है साथ ही अब पुलिस जांच में जुट गई है कि आखिर एक स्पाइसजेट की दवाई कैसे जर्जर मकान तक पहुंची।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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