
Fake lawyer in jabalpur Court
जबलपुर जिला कोर्ट में एक युवक काला कोर्ट पहनाकर वकीलों की तरह घूम रहा था। संदिग्ध युवक को अधिवक्ताओं ने पकड़ लिया। युवक की पहचान सचिन ताम्रकार के रूप में हुई। सफेद शर्ट और काली पेंट पहने युवक की गतिविधियों पर वकीलों को शक हुआ, जिसके बाद उससे पहचान से जुड़े सवाल पूछे गए। जांच के दौरान उसके पास हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का एक कार्ड मिला, लेकिन कार्ड पर दर्ज नंबर का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उसके नकली होने का संदेह गहरा गया।
अधिवक्ताओं ने संदिग्ध युवक को पकड़कर ओमती पुलिस के हवाले कर दिया। जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि युवक ने अपने घर के बाहर एडवोकेट का बोर्ड लगा रखा है, जिस पर उसके नाम के साथ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर लिखा हुआ है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली कार्ड कहां और किसने बनाया तथा युवक कितने समय से खुद को वकील के रूप में पेश कर रहा था।
पत्नी के वकील होने का दावा, खुद के सवाल पर चुप
आक्रोशित वकीलों ने जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने कहा मेरी पत्नी वकील है और उसका नाम कल्पना ताम्रकार है लेकिन वो वकील के रूप में कोर्ट में कैसे काम कर रहा है इसका जवाब वो नहीं दे सका, इस घटना ने एक बार फिर कोर्ट परिसर में फर्जी वकीलों और गलत पहचान वाले लोगों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
उधर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही युवक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। अधिवक्ता संघ ने भी पक्षकारों से अपील की है कि किसी व्यक्ति को अपना वकील मानने से पहले उसकी पहचान और बार से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें।
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