ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत, आज हो सकती है सुनवाई

मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद सास गिरिबाला सिंह ने अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है। दरअसल जिला कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद दाखिल याचिका में उम्र, स्वास्थ्य और बुजुर्ग मां की देखभाल की जिम्मेदारी का हवाला दिया गया है।
ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत, आज हो सकती है सुनवाई

मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी सास और भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। दरअसल जिला कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका पर आज बुधवार को सुनवाई संभावित है। इस मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है और दोनों जेल में हैं।

दरअसल गिरिबाला सिंह की ओर से दाखिल याचिका में उनकी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई है। इसके अलावा उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल की जिम्मेदारी का भी जिक्र किया है। याचिका में यह दावा भी किया गया है कि ट्विशा शर्मा और उनके बीच रिश्ते अच्छे थे और दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था। अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में इन दलीलों के साथ राज्य सरकार का पक्ष भी अहम रहेगा।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के करीब पांच महीने बाद 12-13 मई 2026 की रात उनकी मौत हो गई। मौत की परिस्थितियों को लेकर मामला दर्ज हुआ और जांच के बाद उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में दहेज हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

दरअसल गिरिबाला सिंह ने पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। उनकी ओर से उम्र और स्वास्थ्य जैसी व्यक्तिगत परिस्थितियों को आधार बनाया गया है। साथ ही याचिका में बहू के साथ संबंध सामान्य होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों पर अंतिम फैसला अदालत को सुनवाई और केस रिकॉर्ड देखने के बाद करना है। फिलहाल आरोपी पक्ष और जांच एजेंसियों की दलीलों के आधार पर मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।

शादी के सात साल के भीतर मौत पर राज्य सरकार ने क्या कहा?

वहीं हाईकोर्ट में पहले हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शादी के सात साल के भीतर हुई अप्राकृतिक मौत से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया था। राज्य की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पक्ष रखा था। सरकार ने अदालत के सामने मामले की परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों को आधार बनाकर जमानत का विरोध किया था। अब गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत यह तय करेगी कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें जमानत दी जा सकती है या नहीं।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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