सिर पर पत्थर पटक कर आदतन अपराधी की हत्या, ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर, तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में

पाली में 13 साल पुरानी रंजिश में हुई अंधी हत्या का खुलासा

Jabalpur News : जबलपुर में बीती रात तीन युवकों ने मिलकर एक युवक की सिर पर पत्थर पटक कर हत्या कर दी। मृतक का नाम गोपाल साहू था जो कि आदतन अपराधी था, बीते दिनों आरोपियों के पिता के साथ मृतक गोपाल साहू का विवाद हुआ था जिसके चलते गुरुवार की रात को दो सगे भाई विपिन और तपन ने अपने एक साथी प्रताप के साथ मिलकर गोपाल साहू के सिर पर पत्थर पटक कर उसकी हत्या कर दी।

खमरिया थाना पुलिस ने तीनों ही आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, उधर गोपाल साहू की मौत के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि आखिरकार आतंक का अंत ऐसे ही होता है। खमरिया थाना प्रभारी निरुपमा पांडे ने बताया कि मृतक गोपाल साहू आदतन अपराधी था जिसके खिलाफ 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। मृतक के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, छेड़खानी सहित कई जघन्य अपराध दर्ज थे। हाल ही में पुलिस ने गोपाल साहू के खिलाफ जिलाबदर और एनएसए की कार्यवाही भी की थी।

थाना प्रभारी ने बताया कि 2 दिन पहले गोपाल साहू ने आरोपी विपिन और तपन के घर जाकर उनके पिता को धमकी दी थी कि तुम पुलिस से मुखबिरी करते हो इसलिए मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं और जान से खत्म कर दूंगा। यह जानकारी जब विपिन और तपन को लगी कि गोपाल साहू ने उनके पिता को धमकी दी है तो वह गुस्से से आगबबूला हो गए।

गुरुवार की रात गोपाल साहू जब शराब पीने के लिए वर्धाघाट गांव पहुंचा तो तभी उनका सामना विपिन, तपन और उनके साथी प्रताप से हो गया। इसके बाद विपिन और गोपाल में कहा-सुनी होने लगी जिसके चलते तीनों ने पहले मारपीट करते हुए गोपाल साहू को जमीन पर गिरा दिया और फिर सिर पर पत्थर पटक कर उनकी हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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