झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई

जबलपुर| संदीप कुमार| मध्यप्रदेश हाईकोर्ट (MP Highcourt) एक बार फिर फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ दायर मामले की सुनवाई हुई सरकार की ओर से आए जवाब में कहा गया कि, अब तक जबलपुर में 5 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा चुके हैं, इनमें से एक डॉक्टर ने जमानत के लिए आवेदन भी लगाया है, लेकिन बाकी की स्टेटस रिपोर्ट सरकारी वकील के पास नहीं थी। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का कहना था कि, झोलाछाप डॉक्टरों और अपनी पैथी के अलावा दूसरी पैथी में इलाज करने वाले डॉक्टरों के मामले से जुड़ा हुआ कोई भी केस केवल उनकी ही अदालत में सुना जाएगा| वहीं इस मामले में अब एमसीआई के डॉक्टरों ने भी दखल देने की अनुमति मांगी है, लेकिन कोर्ट का कहना है कि, उन्हें पहले नियम से आवेदन देना होगा।

बीते दिनों फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ जबलपुर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्रवाई की थी और 5 फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद ये कार्रवाई रुक गई। इसी के खिलाफ जबलपुर के एक पत्रकार ने जनहित याचिका लगाकर इस मामले को कोर्ट के संज्ञान में लाया है।पूरे प्रदेश में झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है. सस्ते के चक्कर में लोग इनसे इलाज करवाने पहुंच जाते हैं और गलत दवाइयों का शिकार हो जाते हैं।कई लोगों को तो अपनी जान तक गंवानी पड़ती है. अब इस मामले में जबलपुर जिला प्रशासन अपना जवाब 6 जुलाई को पेश करेगा।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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