कोरोना की चेन तोड़ने जबलपुर में व्यापारियों ने लिया लॉकडाउन का फैसला

Lockdown

जबलपुर, संदीप कुमार| पूरे देश मे तेजी से बढ़ती कोरोना वायरस (Corona Virus) की चेन तोड़ने के लिए कुछ माह लॉकडाउन (Lockdown) लगा और जब अनलॉक (Unlock) हुआ तो केसों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। मध्यप्रदेश में उद्योगधानी इंदौर के बाद संस्कराधानी जबलपुर (Jabalpur) में भी लॉकडाउन के लिए स्वत संज्ञान लिया जा रहा है।

महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वाधान में जबलपुर शहर के तमाम व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि अब हर रविवार को जिले में टोटल लॉकडाउन किया जाएगा| इस तरह से लॉक डाउन होने से सड़कों पर भीड़ नहीं निकलेगी और कोरोना की चेन तोड़ने में यह लॉक डाउन काफी हद तक कारगर भी साबित होगा। महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा से मुलाकात कर यह प्रस्ताव उनके सामने रखा जिसका की कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने चेम्बर और व्यापारी संगठनों के इस फैसले का स्वागत किया है।

रविवार को टोटल लॉक डाउन का फैसला
महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य शंकर नाग्देव का कहना है कि जबलपुर जिले की ज्यादातर व्यापारी ने लॉक डाउन को लेकर अपनी सहमति दे दी है पर कुछ ऐसे भी व्यापारी है जो कि जबरन अपने संस्थानों को खोल कर रखते हैं, जिससे कि बाजार में भीड़ बढ़ने का खतरा होता है। शंकर नाग्देव ने कहा कि सभी व्यापारियों ने फैसला लिया है कि सप्ताह के 6 दिन सुबह 10 बजे से शाम को 7 बजे तक संस्थान खोले जाएंगे। वही रविवार को टोटल लॉक डाउन रखने का फैसला लिया गया है। इधर कलेक्टर रवि शर्मा ने महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स और अन्य व्यापारी संस्थानों के इस फैसले का स्वागत किया है।

कोरोना की चेन तोड़ने का यही तरीका
कलेक्टर ने कहा कि निश्चित रूप से जबलपुर में बड़ी संख्या में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं ऐसे में अब इन केसों को कम करने का सिर्फ एक ही तरीका है कि लोग अपने घरों पर रहे, सोशल डिस्टेंस पालन करे।स्वत् लॉक डाउन के फैसले का कलेक्टर ने स्वागत किया और महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स को आश्वासन दिया है कि प्रशासन से जो भी मदद बन सकती है वह लॉक डाउन के लिए करेगा।

इंदौर में हो चूका है ऐसा फैसला
गौरतलब है कि इससे पहले इंदौर के व्यापारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर लॉक डाउन का फैसला लिया था जो कि काफी हद तक सफल रहा है। हर हल अब देखना यह होगा कि क्या इंदौर की तरह जबलपुर में भी सता लोक डाउन करने का यह फैसला कारगर साबित होता है या नहीं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews