जबलपुर में स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए सड़कों पर उतरे आयुष डॉक्टर, निकाला कैंडल मार्च

जबलपुर में आयुष डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए। सभी ने कैंडल मार्च निकालकर आर्थिक सहायता को एमबीबीएस छात्रों के बराबर करने की मांग की।
Jabalpur

जबलपुर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष डॉक्टर विरोध पर उतर गए हैं। अपनी मांग की तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए इन सभी ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से लेकर झंडा चौक तक ये कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में 150 से 200 छात्र शामिल थे।

कैंडल मार्च निकालते हुए शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज से झंडा चौक पहुंचे छात्रों ने आखिर में मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई। छात्रों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में जो स्टाइपेंड दिया जा रहा है वह बहुत कम है। वह चाहते हैं कि इसे बढ़ाकर एमबीबीएस छात्रों को जितना कर देना चाहिए।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

विरोध कर रहे हैं छात्रों ने बताया कि उनके वर्तमान स्टाइपेंड 9383 रुपए है। वह चाहते हैं कि इसे बढ़ाकर एमबीबीएस छात्रों के स्टाइपेंड 21500 तक कर दिया जाए क्योंकि खर्चों के हिसाब से ये बहुत कम है। छात्रों का कहना है की एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति और आयुष चिकित्सा पद्धति के विद्यार्थियों को मिलने वाले स्टाइपेंड में अंतर नहीं किया जाना चाहिए। वह भी प्रशिक्षण के दौरान मेहनत करते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सारे दायित्व निभाते हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक लाभ भी समान मिलना चाहिए। विरोध कर रहे छात्रों ने बताया कि स्टाइपेंड से उनके खर्च निकलना मुश्किल हो रहे हैं। अगर इसे बढ़ा दिया जाएगा तो विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी और वह बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर ध्यान दे सकेंगे।

आंदोलन करने की चेतावनी

कैंडल मार्च निकालकर अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाने वाले इन छात्रों का कहना है कि अगर स्टाइपेंड बढ़ाने की उनकी मांग को नहीं सुना गया, तो वह आंदोलन तेज करेंगे। छात्रों ने उम्मीद जताई है कि उनकी मांग पर विचार कर इसे पूरा किया जाएगा।

आदेश का है इंतजार

छात्रों ने यह भी बताया कि अपनी मांगों को लेकर उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का सपोर्ट मिला है। आयुष मंत्रालय से भी संबंध में बातचीत हुई है लेकिन अब तक किसी भी तरह का आदेश जारी नहीं किया गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि लंबे समय से वह अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लेकिन कोई समाधान न मिलने की वजह से उन्हें प्रदर्शन पर उतरना पड़ा।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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