आधारताल इलाके में स्थित गोल्डन ब्रायलर चिकन सेंटर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने शहर में बहस छेड़ दी है। दरअसल स्थानीय लोगों का दावा है कि ट्रक से मृत मुर्गे दुकान पर लाए गए और उन्हें बिक्री के लिए रखा गया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद लोगों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
हालांकि अब तक किसी सरकारी जांच में यह साबित नहीं हुआ है कि वीडियो में दिख रहे मुर्गे बिक्री के लिए मृत अवस्था में लाए गए थे। इसी वजह से पूरा मामला फिलहाल जांच के दायरे में है।
कमिश्नर ने दिए सख्त निर्देश
वहीं वायरल वीडियो को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को गंभीरता से लिया गया है और हेल्थ ऑफिसर को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने जैसी बात सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि संबंधित चिकन सेंटर आधारताल थाने से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है।
वीडियो हो रहा वायरल
दरअसल वीडियो में एक ट्रक से मुर्गे उतारते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसी आधार पर लोगों ने आरोप लगाए कि ट्रक में मृत मुर्गे लाए गए थे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केवल वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यह जांच का विषय है कि मुर्गों की वास्तविक स्थिति क्या थी, उनका स्रोत क्या था और उन्हें किस उद्देश्य से वहां लाया गया था।
खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
मामले ने शहर में खाद्य सुरक्षा और मांस की गुणवत्ता को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। हिंदू धर्म सेना के मुकेश रजक ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि खाद्य सुरक्षा विभाग मौके पर पहुंचकर चिकन सेंटर में रखे मांस की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और सप्लाई के स्रोत की जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके।






