“मुझे बचा लो, ये लोग मुझे मार डालेंगे…” रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय में भर्ती गर्भवती कल्पना मिश्रा की मौत से पहले सामने आई यह गुहार अब पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। 26 अगस्त को अस्पताल में भर्ती हुई कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की उसी रात मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. सोनल अग्रवाल और निश्चेतना विभाग की डॉ. निधि पाण्डेय को निलंबित कर दिया है। दो नर्सिंग ऑफिसरों पर भी कार्रवाई की गई है और मौत के कारणों की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है।
कल्पना मिश्रा रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हटवा की रहने वाली थीं। अस्पताल के मुताबिक उन्हें 26 अगस्त की सुबह करीब 2:38 बजे भर्ती कराया गया था। दिनभर उनका इलाज चला, लेकिन रात 11:55 बजे कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
लेबर रूम से बाहर आई कल्पना, फिर हुई मौत
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू कल्पना की मौत से पहले का घटनाक्रम है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इलाज के दौरान वह लेबर रूम से बाहर निकल आई थीं और खुद को बचाने की गुहार लगा रही थीं। इसके बाद उन्हें दोबारा अंदर ले जाया गया। कुछ घंटे बाद कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत की खबर आई।
घटना के बाद परिजनों ने इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डॉक्टरों पर दुर्व्यवहार और लापरवाही के आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों की सच्चाई अब जांच में तय होगी।
अस्पताल ने बताया- गंभीर हालत में भर्ती हुई थीं कल्पना
परिजनों के आरोपों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने कल्पना की मेडिकल स्थिति को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी है। अस्पताल के अनुसार भर्ती होने के समय उनका प्लेटलेट काउंट महज 30 हजार प्रति माइक्रोलिटर के आसपास था। ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा था और लिवर एंजाइम भी बढ़े हुए थे।
डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को Severe Pre-eclampsia with Severe Thrombocytopenia in HELLP Syndrome बताया था। अस्पताल के मुताबिक यह गर्भावस्था की बेहद गंभीर स्थिति है और कल्पना को भर्ती करने के बाद निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया गया था।
यानी एक तरफ परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ अस्पताल मरीज की पहले से गंभीर मेडिकल स्थिति का हवाला दे रहा है। कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई, इसका अंतिम जवाब जांच रिपोर्ट से ही सामने आएगा।
दो डॉक्टर सस्पेंड, आदेश में ‘घोर लापरवाही’ का जिक्र
मामले के बीच श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता की ओर से 28 अगस्त को जारी आदेश में बड़ी कार्रवाई की गई। डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश में दोनों के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपने कार्य के प्रति “घोर लापरवाही एवं गंभीर अनुशासनहीनता” का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी विवरण के मुताबिक दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आने के बाद दो नर्सिंग ऑफिसरों को भी लापरवाही की सजा मिली है उन्हें भी निलंबित किया गया है।
वरिष्ठ डॉक्टरों की कमेटी करेगी जांच
मां और गर्भस्थ शिशु की मौत के वास्तविक कारणों और इलाज से जुड़े सवालों की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित की गई है। समिति मेडिकल रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
परिजनों की मांग पर कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय और चिकित्सा महाविद्यालय रीवा की संयुक्त टीम से कराया गया। इसके बाद शवों को उनके गृह ग्राम पहुंचाया गया। अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रीवा से सविता शर्मा की रिपोर्ट






