जबलपुर कलेक्टर का बड़ा एक्शन- सहारा इंडिया ग्रुप की सहायक कंपनियों की भूमि विक्रय पर बैन

जबलपुर कलेक्टर

जबलपुर, संदीप कुमार।  जबलपुर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा (Jabalpur Collector Karmaveer Sharma) ने सहारा इंडिया ग्रुप (Sahara India Group) के निवेशकों के हितों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ी कार्यवाही करते हुए ग्रुप की सहायक और अनुषांगिक कंपनियों द्वारा तेवर एवं छीतापार में खरीदी गई 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि को विक्रय के प्रयोजन हेतु अहस्तांतरणीय घोषित कर दिया है। इस बारे में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा द्वारा आज आदेश भी जारी कर दिया गया है।

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दरअसल, जबलपुर कलेक्टर (Jabalpur Collector) ने सहारा इंडिया ग्रुप की क्रय की गई जिन अचल संपत्तियों को विक्रय को प्रतिबंधित किया है उसमें तेवर पटवारी हलका नंबर 18/९ के अंतर्गत 31.560 हेक्टेयर भूमि तथा ग्राम छीतापार पटवारी हलका नंबर 22 की 8.68 हेक्टेयर भूमि शामिल है। तेवर की भूमि सहारा ग्रुप की सहयोगी और अनुषांगिक कंपनियों मुंबई की अखिलेश रियल्टी एण्ड डेवलपमेंट, अलमिना स्टेट एण्ड डेवलपमेंट आलोक सेक्टर्स, अमरेश रियल्टी, अम्बुजा सेक्टर, अमृता रियलटी, अनन्या स्टेट एण्ड फाइनेंस, अंजना रियल्टी तथा अंकिता रियल्टी एण्ड डेव्हलपमेंट कंपनी द्वारा क्रय की गई थी।

इसी तरह ग्राम छीतापार की भूमि भी सहारा इंडिया ग्रुप की इन्ही सहयोगी एवं अनुषांगिक कंपनियों द्वारा क्रय की गई है।जबलपुर कलेक्टर ने आदेश में सहारा इंडिया ग्रुप की इन सहयोगी कंपनियों की तेवर एवं छीतापार स्थित भूमि को देश की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड विरूद्ध सहारा इंडिया रियल स्टेट कार्पोरेशन लिमिटेड एवं अन्य के प्रकरण में पारित किये गये आदेशानुसार भूमि के खसरों के अभिलेख के कैफियत कालम क्रमांक 12 में हस्तांतरणीय शेष विक्रय प्रयोजन हेतु अहस्तांतरणीय दर्ज करने के निर्देश अनुविभागीय राजस्व अधिकारी गोरखपुर को दिये हैं।

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इसके साथ ही खसरा अभिलेख के कैफियत कालम में उक्त प्रविष्टि दर्ज कर तीन दिन के भीतर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये हैं। कलेक्टर ने कहा है कि निवेशकों के हितों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यकता पडऩे पर सहारा इंडिया ग्रुप की भूमि को कुर्क करने की कार्यवाही भी की जा सकती है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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