जबलपुर कोरोना मरीज ने VIDEO जारी कर कहा-‘मैं अभी जिंदा हूँ’, उड़ी थी मौत की अफवाह

जबलपुर कोरोना मरीज ने VIDEO जारी कर कहा-‘मैं अभी जिंदा हूँ’, उड़ी थी मौत की अफवाह

जबलपुर। संदीप कुमार. जबलपुर जिले में कोरोना वायरस की पॉजिटिव मरीजो की संख्या बढ़ कर अब छह हो गई है लिहाजा इसको देखते हुए जिला प्रशासन और भी अलर्ट हो गया है।जिला कलेक्टर के निर्देश पर ऐसी परिस्थिति को देखते हुए लॉक डाउन की अवधि बढ़ा कर 31 मांर्च तक कर दी गई है साथ ही ऐसे समय जिले की सीमा भी पहले की तरह सील रहेगी।
पहले की तरह ही अब 31 मांर्च तक रहेगा जिले में लॉक डाउन…
कलेक्टर भरत यादव ने निर्देश दिए है कि ऐसे समय मे आदेश दिए है कि लॉक डाउन यथावत रहेगा।उन्होंने बताया कि आईसीएमआर लैब से आज सोमवार को मिली तीन परीक्षण रिपोर्ट्स में एक पॉजिटिव रेपोर्टबपाई गई है । पॉजिटिव रिपोर्ट वाला व्यक्ति मुकेश अग्रवाल के सम्पर्क में आने वालों में शामिल था और उनका कर्मचारी था । पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने के बाद उसे जिला अस्पताल में परीक्षण के बाद मेडिकल कालेज आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया है।इसके सम्पर्क में आने वाले अन्य व्यक्तियों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है।

प्रदेश के पहले कोरोना वायरस पीड़ित मरीज ने अपना वीडियो किया जारी… कहा मैं अभी जिंदा हूँ…..

प्रदेश के पहला कोरोना वायरस पीड़ित मरीज मुकेश अग्रवाल की सोशल मीडिया में मौत की खबर को लेकर उन्होंने स्वयं इसका खंडन किया है।अपना एक वीडियो जारी करते हुए उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से स्वास्थ्य हूँ,मुझे न कोई वेंटिलेटर लगा है,और न ही कोई ऑक्सीजन, मैं इस समय पूरी तरह से स्वास्थ्य हूँ,और जो मेरी मौत को लेकर अफवाह फैल रही है वो पूरी तरह से गलत है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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