जबलपुर में बड़ा हादसा: पलभर में गिरी 4 मंजिला बिल्डिंग, बाजार बंद होने से टला बड़ा हादसा

जबलपुर के बड़ा फुहारा इलाके में 30 साल से ज्यादा पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि मंगलवार को बाजार बंद होने की वजह से उस समय वहां भीड़ नहीं थी, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बच गई।
जबलपुर में बड़ा हादसा: पलभर में गिरी 4 मंजिला बिल्डिंग, बाजार बंद होने से टला बड़ा हादसा

जबलपुर के सबसे व्यस्त कारोबारी इलाकों में शामिल बड़ा फुहारा में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां 30 साल से ज्यादा पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत इतनी तेजी से गिरी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। राहत की बात यह रही कि मंगलवार होने की वजह से बाजार बंद था। अगर दुकानें खुली होतीं तो यह हादसा कई लोगों की जान ले सकता था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरते ही पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया और तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, उसके ग्राउंड फ्लोर पर ‘सोसाइटी साड़ी भंडार’ नाम से कपड़ों की दुकान संचालित होती थी। इमारत गिरने के दौरान नीचे खड़ी एक कार भी मलबे में दब गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। फिलहाल हादसे में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना सामने नहीं आई है।

आखिर इतनी पुरानी बिल्डिंग कैसे गिरी

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि शहर के बीचों-बीच मौजूद इतनी पुरानी और जर्जर इमारत की समय रहते जांच क्यों नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में कई पुरानी इमारतें ऐसी हैं, जिनकी हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। इसके बावजूद उनकी सुरक्षा जांच और मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया ताकि किसी और तरह का खतरा न हो। मलबे की जांच की गई कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर तो नहीं फंसा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग के मालिक का नाम राजा जैन बताया जा रहा है। हालांकि, इमारत गिरने की असली वजह क्या रही, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट होना बेहद जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां रोज बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।

हादसे के बाद नगर निगम पर उठे सवाल, कांग्रेस ने साधा निशाना

बिल्डिंग गिरने की खबर मिलते ही स्थानीय कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में कई जर्जर इमारतें अब भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं कर रहा। उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था।

हालांकि, इन आरोपों पर नगर निगम की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि हादसे के बाद प्रशासन शहर की अन्य पुरानी इमारतों की भी जांच कर सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि हादसे के समय बाजार बंद था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। अगर यह इमारत किसी व्यस्त समय में गिरती, तो नुकसान कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता था। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ होगा कि हादसे की वजह क्या थी और लापरवाही मिलने पर किसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Bhawna Choubey
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पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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