जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश में RTO चेकपोस्ट शुरू करने के आदेश पर लगाया स्टे, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने जताई खुशी

रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के बाद अदालत के इस फैसले से चेकपोस्ट बहाली की प्रक्रिया पर रोक लग गई है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस निर्णय को राहत भरा बताते हुए इसका स्वागत किया है।
Jabalpur High Court

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जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश में बंद पड़े आरटीओ चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने के अपने ही पूर्व आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने खुशी जताते हुए इसे न्याय की बड़ी जीत बताया और कहा कि एमपी में परिवहन चेकपोस्ट भ्रष्टाचार के अड्डे थे उनपर रोक बरकरार रहने से प्रदेश में सुशासन कायम रहेगा।

हाईकोर्ट ने पहले पिछले महीने 16 अप्रैल को एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि प्रदेशभर में बंद किए गए सभी अंतरराज्यीय RTO चेकपोस्ट 30 दिनों के भीतर पुनः शुरू किए जाएं। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने उस समय कहा था कि चेकपोस्ट बंद करने का निर्णय पूर्व न्यायिक आदेशों और 2018 के स्टे का उल्लंघन प्रतीत होता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि चेकपोस्ट सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग नियंत्रण और परिवहन नियमों के पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट ने RTO चेकपोस्ट शुरू करने पर रोक लगाई

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश में RTO चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने के अपने पूर्व आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने पूर्व में दिए गए चेकपोस्ट शुरू करने के निर्देश पर आज स्टे लगा दिया है। यह निर्णय परिवहन संघ की रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई के बाद आया है। फिलहाल चेकपोस्ट बहाली की प्रक्रिया स्थगित है, जिससे ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत मिली है।

ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने फैसले पर जताई खुशी 

ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के इस नए आदेश का स्वागत किया है। एसोसिएशन के चेयरमेन सीए मुकाती ने कहा कि चेकपोस्ट व्यवस्था कई बार अनावश्यक जांच और भ्रष्टाचार का कारण बनती थी, इसलिए इनके बंद रहने से परिवहन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सरल बनी है। उन्होंने अदालत के निर्णय पर कहा कि इससे मध्यप्रदेश में सुशासन कायम रहेगा।

बता दें कि प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई 2024 से अंतरराज्यीय RTO चेकपोस्ट बंद कर दिए थे। सरकार का तर्क था कि डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक के चलते भौतिक चेकपोस्ट की आवश्यकता कम हो गई है और इससे परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पहले कहा था कि सरकार इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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