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Jabalpur Highcourt News : जनसंख्या नीति को लागू करने के 22 साल बाद भी उस पर जब मध्यप्रदेश सरकार अमल नही कर पाई तो हाईकोर्ट ने इस पर गंभीरता दिखाई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्तों में जवाब मांगा है, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रदेश में साल 2000 में लागू की गई जनसंख्या नीति की आज तक समीक्षा क्यों नहीं हुई, इसके तहत गठित कमेटियों की बैठकें क्यों नहीं हुईं और आखिर कब सरकार इस नीति पर अमल करेगी।
चार सप्ताह में मांगा जवाब
बता दें कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 हफ्तों में ये जवाब देने का निर्देश दिया है जिसके बाद मामले पर अगली सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट में ये याचिका जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मंच ने दायर की है याचिका में कहा गया है कि मध्यप्रदेश की जनसंख्या वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। पिछले 10 सालों से मध्य प्रदेश में जनसंख्या वृद्धि का औसत 20 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय औसत 17 प्रतिशत है।
समितियों ने आज तक कुछ नहीं किया
याचिका मे कहा गया है कि जनसंख्या नीति में ये लक्ष्य तय किया गया था कि फर्टिलिटी रेट 2.1 प्रतिशत होना चाहिए जिससे हर साल 1.1 मिलियन की दर से बढ़ रही जनसंख्या एक मिलियन पर आ सके। जनसंख्या नीति को लागू करने के लिए राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समितियां बनाई गई थी, लेकिन दोनों समितियों ने आज तक कुछ नहीं किया। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट
