जबलपुर लोकायुक्त पुलिस एक्शन, परिवहन विभाग में पदस्थ महिला आरक्षक प्राइवेट व्यक्ति के साथ रिश्वत लेते गिरफ्तार

ट्रक ड्राइवर ने ट्रक से संबंधित सारे दस्तावेज भी दिखाए थे इसके बावजूद भी आरटीओ आरक्षक श्वेता अहिरवार ट्रक छोड़ने को तैयार नहीं हुई और रिश्वत की मांग की।
RTO woman constable arrested taking bribe

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जबलपुर लोकायुक्त ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग में पदस्थ एक महिला आरक्षक को एक प्राइवेट व्यक्ति के साथ रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी श्वेता अहिरवार आरटीओ ऑफिस जबलपुर में पदस्थ है, उसके खिलाफ मुंबई निवासी ट्रक मालिक और उनके ड्राइवर ने रिश्वत मांगने की शिकयत जबलपुर लोकायुक्त एसपी से की थी।

जानकारी के मुताबिक प्रशांत दत्तात्रेय जाघव, निवासी जीवन सागर सीएसडी 7, प्लॉट नंबर 26, खारघर नवी मुंबई ने लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को शिकायत करते हुए बताया कि उनके पास 10 ट्रक है, जो बरगी जबलपुर होते हुए उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में सामान लेकर जाते हैं। 25 मार्च को जब उनका एक ट्रक DD 01 P 9764 नागपुर, जबलपुर हाईवे से निकल रहा था, तभी आरटीओ विभाग में पदस्थ आरक्षक श्वेता अहिरवार और उनके साथी मोहित साहू ने गाड़ी निकलवाने के लिए उनसे साढ़े 4 हजार रुपए की डिमांड की।

ट्रक पासिंग के लिए आरटीओ आरक्षक ने मांगी रिश्वत 

ट्रक मालिक प्रशांत दत्तात्रेय ने बताया कि ड्राइवर जयसिंह यादव जो कि जिला छतरपुर का रहने वाला है उसने ट्रक से संबंधित सारे दस्तावेज भी दिखाए थे इसके बावजूद भी आरटीओ आरक्षक श्वेता अहिरवार ट्रक छोड़ने को तैयार नहीं थी परेशान होकर जय सिंह यादव ने ट्रक मालिक को पूरी घटना बताएं जिसके बाद लोकायुक्त एसपी से शिकायत की गई।

लोकायुक्त पुलिस ने महिला आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ा  

लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले ने शिकायत की जांच के लिए एक टीम गठित की और सत्यापन करने के बाद राहुल गजभिए, शशि मर्सकोले, बृजमोहन सिंह नरवरिया और जितेंद्र यादव फौरन मौके पर पहुंचे और बरगी हाईवे पर आरक्षक श्वेता अहिरवार और उनके साथ मौजूद मोहित साहू को 4500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज 

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर प्रकरण जाँच में ले लिया है। बता दें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद से प्रदेश में भ्रष्टाचार अपर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और रिश्वतखोरों पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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