Jabalpur News: वरिष्ठ कांग्रेस नेता का बेटा तीसरी मंजिल से गिरकर घायल, हालत नाजुक, एयर एम्बुलेंस से मेदांता अस्पताल दिल्ली भेजा

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Jabalpur News : जबलपुर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक मिश्रा का बड़ा बेटा अंकित देर रात 3 मंजिल से नीचे गिर गया, ऊँचाई से गिरने के कारण अंकित के सिर औ र्सिने में गंभीर चोट आई, परिजन तत्काल निजी अस्पताल लेकर भागे जहाँ डॉक्टर्स ने इलाज शुरू किया लेकिन नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर्स ने मेदांता अस्पताल दिल्ली ले जाने की सलाह दी जिसके बाद परिजन आज तड़के एयर एम्बुलेंस के जरिये उसे दिल्ली ले गे यौर मेदांता में भर्ती कराय अजहाँ अभी उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, अंकित युवक कांग्रेस में कई पदों पर काम कर चुके हैं।

छत पर परिवार के साथ मना रहे थे होली का जश्न, पैर फिसलकर नीचे गिरे 

जानकारी के मुताबिक अंकित अपने परिवार के साथ कल रात छत पर होली का जश्न मना रहे थे वे जब केक काट रहे थे तभी उनका पैर फिसल गया और वे छत से नीचे आ गिरे, उनके नीचे गिरते हो कोहराम मच गया, उन्हें गंभी हालत में प्राइवेट अस्पताल में भारत कराया गया, अंकित के घायल होने की खबर लगते ही कांग्रेस ने नेता अस्पताल भागे।

एयर एम्बुलेंस से दिल्ली के मेदांता अस्पताल में कराया भर्ती 

दुर्घटना की जानकारी लगते ही गोरखपुर थाना पुलिस भी प्राइवेट अस्पताल पहुंची और फौरी जानकारी जुताई, उधर डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की और अंकित को लेकर दिल्ली चले गए जहाँ उन्हें भर्ती कराया गया है, बताया जा रहा है कि अंकित की हालत अभी नाजुक बनी हुई है।

अंकित मिश्रा भी युवक कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं, इन दिनों प्रॉपर्टी का काम कर रहे हैं 

आपको बाते दें कि आलोक मिश्रा जबलपुर कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं और अंकित मिश्रा भी युवक कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं, कमलनाथ, जीतू पटवारी, सहित अन्य नेताओं के करीबी रहे हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों से सक्रिय राजनीति से दूर रहकर प्रॉपर्टी के काम पर ध्यान दे रहे हैं, फिलहाल घटना के विषय में अभी परिजनों से कोई बात नहीं हो पाई है और पुलिस भी अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट  

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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