Transfer के बाद भी कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं डीईओ, कार्यमुक्त करवाने कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

कांग्रेस नागर अध्यक्ष ने कहा कि घनश्याम सोनी के जिले में रहने के कारण बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है और कांग्रेस पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। 
Jabalpur Congress protest

जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर घनश्याम सोनी का ट्रांसफर जबलपुर से सचिव मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड भोपाल कर दिया गया है, इसके बाद भी वह डीईओ की कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं है, लिहाजा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पद मुक्त करवाने के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की, इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता जबरन कार्यालय में अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें कि पुलिस ने गेट बंद करते हुए रोक लिया।

कांग्रेस का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी लंबे समय से जबलपुर जिले में तैनात है, इस दौरान वो जिले में ही अलग-अलग पदों पर रहे है। अब प्रशासनिक ट्रांसफर के साथ राज्य सरकार ने उन्हें भोपाल भेजा है पर अभी तक उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है, वे ट्रांसफर रुकवाने की कोशिश में लगे हैं,वे अपने सम्बन्धों की ताकत पट ट्रांसफर निरस्त करवाना चाहते हैं और जबलपुर में ही जमे रहना चाहते है।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर कांग्रेस का हंगामा 

सोमवार की शाम नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां जमकर हंगामा किया और फिर अंदर जाने की कोशिश की, जिन्हें वहां मौजूद पुलिस ने बलपूर्वक रोक लिया। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) घनश्याम सोनी का स्थानांतरण 06 जून 2025 को भोपाल मदरसा बोर्ड में हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वे अब तक जबलपुर में  ही अपने पद पर डटे हुए हैं। यह आचरण न केवल स्थानांतरण नीति का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक मर्यादाओं की भी अवहेलना है।

कांग्रेस ने डीईओ पर लगाये गंभीर आरोप 

नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी एक भ्रष्ट, सत्ता के गुलाम और जनविरोधी अधिकारी के रूप में कुख्यात हो चुके हैं, जिनके कार्यकाल में शिक्षा विभाग में व्यापक अनियमितताएँ और भ्रष्टाचार सामने भी आए हैं। हाल ही में घनश्याम सोनी के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत भी की गई है, जिसको लेकर जांच भी शुरू कर दी गई है। सौरभ शर्मा का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी अधिकारी या व्यवस्था को स्वीकार नहीं करती जो सत्ता के दबाव में नियमों को ताक पर रखकर जनता की आवाज को दबाना चाहता है।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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